इस्लामपरस्त, वामपंथी, लिबरल... पूरा गिरोह डर में है। 90 के दशक में जिस कहानी पर लीपापोती कर दी गई, वह गोदी मीडिया के जमाने में गाँव-गाँव तक पहुँच रही है।
'राजतरंगिणी' हो या 'नीलमत पुराण', अमरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना सदियों से होती आ रही है। 'बूटा मलिक ने इसे खोजा था' - ये नैरेटिव हिन्दुओं को नीचा दिखाने के लिए बनाया गया।