किसान आंदोलन पर खालिस्तान समर्थक ताकतों ने कब्ज़ा कर लिया है। SFJ पहले ही इस बात का ऐलान कर चुका है कि वह खालिस्तान का समर्थन करने वाले पंजाब और हरियाणा के किसानों को 10 लाख रूपए की आर्थिक मदद करेगा।
तेलंगाना में अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के लिए सरकारी खजाने का नायाब उपयोग सामने आया है। तेलंगाना सरकार ने पिछले 6 वर्षों में राज्य में अल्पसंख्यक केंद्रित योजनाओं पर 5,639.44 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
MSP हट जाएगा? APMC की शक्तियाँ ख़त्म हो जाएँगी? किसानों को फसल का नुकसान होगा? व्यापारियों की चाँदी होगी? कॉन्ट्रैक्ट कर के किसान फँस जाएँगे? जानिए सारी सच्चाई।