न्यायमूर्ति एनवी रमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ मामले की सुनवाई करेगी। पीठ में न्यायमूर्ति अशोक भूषण भी शामिल हैं। वे 2018 में कर्नाटक राजनीतिक संकट के दौरान फ्लोर टेस्ट का आदेश देने वाली तीन-सदस्यीय पीठ के भी सदस्य रहे हैं।
एनसीपी नेता अजित पवार के सहयोग से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर भाजपा के देवेंद्र फड़णवीस ने शनिवार की सुबह शपथ ली। पवार उपमुख्यमंत्री बने हैं। इसे शिवसेना-एनसीपी-कॉन्ग्रेस ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
कहा जाता है कि पवार ने 41 साल पहले जो कुछ किया था वो अपने राजनीतिक गुरु यशवंत राव चव्हाण के इशारे पर किया था। तो क्या अजित भी अपने राजनीतिक गुरु शरद पवार की मिलीभगत से ही भाजपा के पाले में गए हैं?
78,000 ईसापूर्व से लेकर 18,000 ईसापूर्व और 7000 ईसापूर्व से लेकर 2500 ईसापूर्व की समयावधि में सरस्वती नदी निरंतर बिना किसी रुकावट के बहा करती थी। इसके साथ ही ऋग्वेद की उन कई ऋचाओं पर भी मुहर लग गई है, जिनमें सरस्वती नदी का जिक्र है।
शिवसेना ने भी अपने विधायकों को काफ़ी दिनों तक ठाकरे परिवार के निवास मातोश्री के पास ही स्थित एक होटल में रखा था। उन विधायकों को आधार कार्ड के साथ तलब किया गया था। अब कॉन्ग्रेस के विधायक भी जयपुर के रिसोर्ट में जाएँगे।
केंद्रीय मंत्री आठवले ने पिछले दिनों कहा था कि अमित शाह ने कहा है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा और महाराष्ट्र में भाजपा की ही सरकार बनेगी। अब उन्होंने शरद पवार की एनसीपी को केंद्र में 2 कैबिनेट मंत्री और एक राज्यमंत्री का पद दिए जाने की संभावना जताई है।
"सदन में वो (फडणवीस और अजित पवार) बहुमत पेश नहीं कर पाएँगे, हम फिर से सरकार बनाने का प्रयास करेंगे। सरकार का नेतृत्व शिवसेना के पास हो ऐसा हमारा प्रयास होगा। बहुमत साबित होने तक हम साथ रहेंगे।"
1978 में कॉन्ग्रेस पार्टी की वसंतदादा की सरकार से अलग होकर शरद पवार ने कॉन्ग्रेस तोड़ कर सोशलिस्ट कॉन्ग्रेस बना ली थी। कॉन्ग्रेस की सरकार गिरा कर खुद सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बन गए थे। उनके भतीजे अजीत पवार ने वही कड़वी दवा शरद पवार को पिला दी है।
शनिवार को शिवसेना-एनसीपी-कॉन्ग्रेस के नेताओं की ओर से महाराष्ट्र में नई सरकार का ऐलान होना था। लेकिन किसी को नहीं पता था कि शुक्रवार को ही महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अपनी तीन दिवसीय दिल्ली यात्रा रद्द कर दी थी क्योंकि...