शिकायत की प्रति के साथ कॉल करने वाले के नंबर की डिटेल्स और उसकी तस्वीर भी शेयर की गई है। आरोप है कि इंस्पेक्टर इंचार्ज के आदेश पर उक्त पुलिस अधिकारी ऐसा कर रहा था।
पश्चिम बंगाल में हिंसा का आरोप सत्ताधारी दल पर ही है, अर्धसैनिक बल भी 4 जून के बाद उनके ही हाथ में रहेंगे - ऐसे में क्या गारंटी है कि हिंसा के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई होगी?