Thursday, July 18, 2024
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‘एक बार जो गिरा वह उठा नहीं’: हाथरस-एटा के अस्पताल में रात भर पोस्टमार्टम, मैनपुरी के आश्रम पर छापा, सूरजपाल को खोज रही UP पुलिस

नारायण साकार हरि की भी तलाश चल रही है। वह कार्यक्रम में भगदड़ होने के बाद अंडरग्राउंड हो गया है। उसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

उत्तर प्रदेश के हाथरस में नारायण साकार हरि के प्रवचन में हुई भगदड़ के बाद अब प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। प्रशासन ने इस मामले में एक आयोजक के विरुद्ध FIR दर्ज कर ली है। वहीं जिस स्वयंभू बाबा के कार्यक्रम में यह भगदड़ हुई, उसकी तलाश में छापेमारी जारी है। घटना में मौतों का आँकड़ा 116 पर पहुँच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (3 जुलाई, 2024) को हाथरस जाकर घायलों का हाल पूछेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाथरस भगदड़ में हुई मौतों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, 126 (2), 223 और 228 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस FIR में देवप्रकाश मधुकर को आरोपित बनाया गया है। वह इस स्वयंभू बाबा का मुख्य सेवादार बताया गया है। उसके साथ ही 21 और सेवादारों को इस मामले में आरोपित बनाया गया है।

वहीं इस नारायण साकार हरि उर्फ़ भोले बाबा उर्फ सूरजपाल की भी तलाश चल रही है। वह कार्यक्रम में भगदड़ होने के बाद अंडरग्राउंड हो गया है। उसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। उसके हाथरस से निकल कर मैनपुरी पहुँचने की जानकारी पहले सामने आई थी। इसी सूचना पर पुलिस यहाँ पहुँची थी। लेकिन वह यहाँ नहीं मिला। बताया गया कि उसके समर्थकों ने पुलिस का रास्ता रोक लिया।

काफी देर बाद मैनपुरी के इस आश्रम में पुलिस घुस पाई तब तक वह यहाँ से फरार हो गया। पुलिस अब अन्य जगह उसकी तलाश कर रही है। वहीं इस भगदड़ में मरने वालों का आधिकारिक आँकड़ा 116 हो चुका है। मृतकों का रात भर पोस्टमार्टम चला है। इनका पोस्टमार्टम हाथरस और एटा में किया गया है।

हाथरस में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज सिंह और DGP प्रशांत कुमार पहुँच चुके हैं। वह यहाँ बचाव के कार्यक्रम पर नजर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बुधवार (3 जुलाई, 2024) को हाथरस का दौरा कर रहे हैं। वह यहाँ घायलों और उनके परिजनों से मिलेंगे।

मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके घर भेजा जा रहा है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में शव अपस्ताल में ही हैं। कई शवों की पहचान भी नहीं हो पाई है। मृतकों के परिजन लगातार उन्हें ढूंढ रहे हैं। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना के बाद आपबीती सुनाई है।

हादसे से बचने वाली एक लड़की ने बताया है कि बाबा का प्रवचन खत्म होते ही यह भगदड़ चालू हो गई। बताया गया कुछ लोग बाबा के चरणों की धूल लेने दौड़े। इसके साथ ही बड़ी भीड़ कार्यक्रम से भी निकली। इसके कारण व्यवस्था बिगड़ गई। कुछ लोग खेतों से होकर जाने लगे। तभी भीड़ अनियंत्रित हो गई और एक दूसरे को कुचल कर लोग आगे बढ़ने लगे। जो इस भीड़ के कारण गिरा, वह दोबारा उठ नहीं सका। इसी कारण से नीचे दब कर बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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