अस्पताल में भर्ती शेख इस्माइल नामक एक युवक की मृत्यु हो गई। उसके परिजन बड़ी संख्या में लोगों को लेकर अस्पताल पहुँचे और वहाँ तोड़फोड़ की और डॉक्टर के साथ मारपीट की गई।
आसपास के इलाके के सभी पुरुष गायब हैं और महिलाएँ चुप्पी साधी हुई हैं। बम ब्लास्ट इतना तगड़ा था कि मदरसा जमींदोज हो गया। पल्सर से चलने वाला मौलाना बच्चों को उर्दू और मजहबी शिक्षा देता था।
पारस हॉस्पिटल पर कार्रवाई के बाद एक विस्तृत वीडियो पारस हॉस्पिटल के डॉक्टर का आया है। जिसमें उन्होंने मीडिया में वायरल मॉक ड्रिल वीडियो के आधार पर 22 कोविड मरीजों के मरने के दावे को ख़ारिज किया है।