Saturday, October 23, 2021
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रोगी शेख इस्माइल की मौत के बाद भड़के परिजनों ने ऑन ड्यूटी डॉक्टर को पीटा, कपड़े फाड़े: बंगाल पुलिस ने नहीं की कोई गिरफ़्तारी

अस्पताल के डॉक्टर, नर्स आउटर स्वास्थ्य कर्मियों ने हमलावरों की गिरफ्तारी के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए सरकार से अस्पताल परिसर में ही एक पुलिस कैंप बैठाने की माँग की है।

पश्चिम बंगाल के हुगली जिला अंतर्गत पांडुआ ग्रामीण अस्पताल में एक रोगी की मृत्यु के बाद उसके परिवार वालों और रिश्तेदारों ने डॉक्टर के साथ मारपीट की। इसके प्रतिवाद में अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों ने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा की माँग करते हुए आंदोलन चला रहे हैं। इस घटना और डॉक्टरों की हड़ताल वजह से अन्य रोगियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार (जून 7, 2021) के दिन अस्पताल में भर्ती शेख इस्माइल नामक एक युवक की मृत्यु हो गई। जब रोगी के परिवार वालों और रिश्तेदारों को उसकी मृत्यु का पता चला तो भारी संख्या में लोग अस्पताल पहुँचे और वहाँ तोड़फोड़ की और उस समय ड्यूटी पर उपस्थिति डॉक्टर शिव शंकर राय के साथ मारपीट की गई। घटना के विरोध में अस्पताल के डॉक्टर, नर्सों और अन्य स्वस्थ्य कर्मियों ने काम न करने का फैसला लेते हुए प्रशासन से हमलावरों की गिरफ्तारी की माँग रखी। 

घटना के 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस द्वारा अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। इधर अस्पताल के डॉक्टर, नर्स आउटर स्वास्थ्य कर्मियों ने हमलावरों की गिरफ्तारी के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए सरकार से अस्पताल परिसर में ही एक पुलिस कैंप बैठाने की माँग की है। अस्पताल के एक कर्मचारी के अनुसार, इस समय अस्पताल में OPD के साथ ही कई और विभाग बंद हैं और केवल  जरूरी सेवाएँ ही जारी हैं।

उक्त अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें छुट्टी भी नहीं रही, वो बिना रुके काम करते – फिर भी ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। वहीं भाजपा ने इसका आरोप तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों पर लगाया है। पार्टी ने कहा कि ये राज्य में कानून-व्यवस्था की समस्या को दिखाता है, जहाँ एक प्रतिष्ठित डॉक्टर को भी गुंडों ने नहीं बख्शा। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस इस घटना की मूकदर्शक बनी रही। वहीं टीएमसी नेता सौगात रॉय ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार डॉक्टरों की देखभाल कर रही है।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि डॉक्टर के कपड़े फ़टे हुए हैं और कुछ लोग उनके साथ मारपीट कर रहे हैं। इधर अस्पताल में भर्ती रोगियों का आरोप है कि स्वास्थ्य कर्मियों के काम न करने से उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटनाएँ हाल के दिनों में बढ़ गई हैं। हाल ही में आसाम के होजाई जिले में इसी तरह एक मृत रोगी गियाजुद्दीन के रिश्तेदारों द्वारा एक जूनियर डॉक्टर सेऊज कुमार सेनापति की नृशंसता के साथ पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

ऐसा होने के असम सरकार तुरंत हरकत में आई थी और मुख्यमंत्री हिमंत विस्व सरमा के आश्वासन के बाद हमलावरों की पहचान करके दूसरे दिन से ही उनकी गिरफ्तारी शुरू हो गई थी और अब तक उस केस में कुल 24 हमलवारों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि इस तरह की असभ्य हरकत को उनके प्रशासन द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने खुद कार्रवाई की निगरानी की थी।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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