विचार

अहमदाबाद क्रैश में भी इस्लामी कट्टरपंथी ढूंढ लाए गाजा का विक्टिम कार्ड, पीड़ितों के प्रति संवेदना जताने के बजाय चलाया एजेंडा: जिन स्वयंसेवकों को...

अहमदाबाद प्लेन क्रैश की दुर्घटना के बाद सोशल मीडिया पर गाजा के लिए 'विक्टिम कार्ड' खेलने का कंपटीशन शुरू हो गया है। विमान दुर्घटना पर संवेदना 'लिबरल' समुदाय को चुभ रही है।

डियर अमाना बेगम, हिंदू ‘भाई-बहनों’ की आपस में नहीं कराते शादी… ‘जाति पर जहर’ कम फैलाओ: सोनम-राज कुशवाह मामले में ‘द प्रिंट’ की लेखिका...

द प्रिंट के अनुसार सोनम और राजा रघुवंशी का मामला जाति-फेमिनिज्म का मुद्धा है और भारत में आज भी अलग जाति में प्यार करना एक विद्रोह है।

जब हिमांशी नरवाल के बयान से मिली नैरेटिव को धार, तो वामपंथी मीडिया ने बनाया हीरो: अब अब्बू-बेटे की जोड़ी ने बनाई अश्लील AI...

हिमांशी नरवाल के सहारे एक्टिविज्म करने वाला वामपंथी मीडिया तब शांत हो गया जब मुस्लिमो बाप-बेटे ने उनके AI से अश्लील वीडियो बना वायरल किए।

अमेरिका, यूरोप, भारत… घुसपैठियों को बाहर निकालना क्यों है इतना कठिन: कैसे एक्टिविस्ट-NGO बनाते हैं सुरक्षा की दीवाल, क्या है रास्ता?

भारत हो, यूरोप हो या फिर अमेरिका, घुसपैठियों को बाहर निकालने में हजारों कानूनी अड़चने हैं। इसमें वामपंथी-लिबरल और समस्याएँ पैदा करते हैं।

खदीजा शेख को जमानत क्योंकि जेल में रहती तो ‘जिंदगी हो जाती बर्बाद’, शर्मिष्ठा पर कहा- आसमान नहीं टूट जाएगा: क्या अभिव्यक्ति की आजादी...

क्या न्यायपालिका धर्म के आधार पर फैसले ले रही है? खदीजा की अभिव्यक्ति को माफी, शर्मिष्ठा की को सजा क्यों? जनता का भरोसा डगमगा रहा है।

भारत में कैंपस खोलेंगी विदेशी यूनिवर्सिटीज, पढ़ाई होगी बेहतर- ‘ब्रेन ड्रेन’ भी होगा कम: हर साल ₹34 लाख करोड़+ की बचत भी, बड़े शिक्षा...

आँकड़ों के मुताबिक, हर साल 18 लाख भारतीय छात्र विदेश पढ़ने जाते हैं, जिससे 40 बिलियन डॉलर का नुकसान होता है।

बृजभूषण सिंह POCSO मामले में बरी, उनका विरोध कर एक बनी MLA… दूसरा किसान मोर्चा का अध्यक्ष: लेकिन उन महिलाओं की लड़ाई हो गई...

क्या इन झूठे दावों, झूठी दलीलों का खामियाजा हर उस महिला को भुगतना पड़ेगा, जो भविष्य में सचमुच किसी यौन उत्पीड़न का शिकार हो सकती है?

वामपंथियों, लिबरल वोक ब्रिगेड और हिन्दू-विरोधी ताकतों से सवाल: तुम्हारे दोहरे मापदंड अब छिप क्यों नहीं पा रहे हैं?

जब भी 'अभिव्यक्ति की आज़ादी' और 'धर्मनिरपेक्षता' की बात आती है, तथाकथित उदारवादी सेक्युलर गिरोह और वोक लिबरल्स सबसे पहले सामने आते हैं।

देश से प्रतिभाओं का पलायन, आरक्षण की जड़ें और मेरिट का सवाल: राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास के सामने सबसे बड़ी चुनौती

हमारे देश में आरक्षण की वजह से हर वर्ष लाखों होनहार और प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएँ उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी जैसे देशों का रुख करते हैं। वे वहीं शिक्षा अर्जित करते है और फिर वहीं बस जाते हैं।

विनायक दामोदर सावरकर: एक ऐसा नाम जिससे अंग्रेज भी काँपते थे, जो थे हिन्दू राष्ट्र के पुनर्जागरण के स्वप्नद्रष्टा

अंग्रेजों को डर था कि अगर वीर सावरकर जैसे व्यक्ति देश में खुलकर बोलने लगे, तो उनका राज एक दिन भी टिक नहीं पाएगा।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें