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विवाह- भारतीय संस्कृति की आत्मा… लिव-इन रिश्ते सिर्फ ‘आकर्षण’ पर टिके : युवा दोनों के बीच समझें अंतर, दूर रहें अकेलेपन और डिप्रेशन से

युवाओं को यह समझना होगा कि लिव-इन रिलेशन का सबसे बड़ा शिकार बच्चे बनते हैं। जब रिश्ते बिना बँधन के टूटते हैं तो उनका मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य सबसे पहले प्रभावित होता है।

आज का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लिव-इन रिलेशनशिप वास्तव में आधुनिकता का प्रतीक है या फिर यह हमारे समाज और संस्कृति को खोखला करने वाली एक सोच है? अनिरुद्धाचार्य जी ने जब इसे ‘कुत्ता संस्कृति’ कहा तो बेशक भाषा पर सवाल उठाए जा सकते हैं, लेकिन उनके कहने का असली मतलब बेहद गहरा और गंभीर है।

विवाह भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह केवल दो लोगों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों, दो परंपराओं और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का वचन है। विवाह रिश्तों में स्थिरता, जिम्मेदारी और भरोसा देता है। इसके विपरीत लिव-इन रिश्ते अक्सर सिर्फ आकर्षण और सुविधा पर टिके होते हैं, जिनमें ना कोई सामाजिक जिम्मेदारी होती है और ना भविष्य की गारंटी।

यह सच है कि भारतीय न्यायपालिका ने लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता दी है। अदालतों ने इसे दो वयस्कों का व्यक्तिगत निर्णय माना है और कहा है कि इसमें अपराध जैसा कुछ नहीं लेकिन कानूनी मान्यता और सामाजिक स्वीकार्यता में फर्क होता है। कोर्ट का निर्णय कानून की दृष्टि से है जबकि समाज का आधार संस्कार और मूल्य हैं।

युवाओं को यह समझना होगा कि लिव-इन रिलेशन का सबसे बड़ा शिकार बच्चे बनते हैं। जब रिश्ते बिना बँधन के टूटते हैं तो उनका मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य सबसे पहले प्रभावित होता है। यही वजह है कि पश्चिमी देशों में जहाँ लिव-इन संस्कृति फैली वहाँ अकेलापन, डिप्रेशन और पारिवार टूटने की घटनाएँ तेजी से बढ़ीं।

भारत जैसे देश में जहाँ परिवार हमारी सबसे बड़ी ताकत है वहाँ इस तरह की सोच समाज की जड़ों को खोखला कर सकती है। कुछ लोग इसे पर्सनल फ्रीडम का नाम देते हैं लेकिन असली आजादी जिम्मेदारी के साथ होती है। जिस रिश्ते में न कल का भरोसा हो, न समाज और परिवार की स्वीकृति वह रिश्ता सिर्फ क्षणिक सुख है, स्थायी समाधान नहीं।

लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी सुरक्षा मिल चुकी है लेकिन सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विवाह ही समाज की रीढ़ है और इसे मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी है।

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Barkha Trehan
Barkha Trehan
Activist | Voice Of Men | President, Purush Aayog | TEDx Speaker | Hindu Entrepreneur | Director of Documentary #TheCURSEOfManhood http://youtu.be/tOBrjL1VI6A

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