राजनैतिक मुद्दे

अगर विधायिका भी माँगने लगे जस्टिस जामदार जैसी छूट तो… बॉम्बे हाई कोर्ट की ‘वॉशिंग मशीन’ और ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ जैसी टिप्पणी कितनी सही?

जस्टिस जामदार ने हॉर्स ट्रेडिंग, पाला बदलने और ‘वॉशिंग मशीन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। लेकिन क्या न्यायपालिका अपने ऊपर कटाक्ष स्वीकार करेगी?

नेहरू से राहुल तक आ गई कॉन्ग्रेस, पर राम मंदिर से खत्म नहीं हो रही घृणा: ‘इमाम-ए-हिंद’ वाली राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे...

जैसे ही चुनाव सिर पर आते हैं, तब कॉन्ग्रेसी 'इच्छाधारी सनातनी' बन जाती है। कभी राम को काल्पनिक बताती है, तो कभी 'इमाम-ए-हिंद' कहती है।

राम मंदिर न जाने के लिए अखिलेश का राजनीतिक बहाना: असल मकसद है हिंदू बनाम हिंदू की लड़ाई और वोटरों को साधना

यूपी की राजनीति में राम मंदिर, सनातन और वोट बैंक पर फिर से सियासी पारा चढ़ गया है। सपा अध्यक्ष ने अयोध्या न जाने का नया बहाना बनाया है।

कॉकरोच जनता पार्टी: मीम्स की आड़ में छिपा ‘रेजीम चेंज’ का इंटरनेशनल ब्लूप्रिंट?

Rhino Party से शुरू हुआ और 'कॉकरोच' तक पहुँचा... राजनीति अब मीम्स के भरोसे है? मई 2026 में अचानक उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के पीछे छिपे उन 3 सीक्रेट फॉर्मूलों को समझिए जो किसी भी सरकार को घुटनों पर लाने का दावा करते हैं। क्या स्र्द्जा पोपोविच की 'रेजिम चेंज' हैंडबुक भारत में अपनाई जा रही है?

कोविड काल में दुनिया को मुश्किल में डालने वाले डॉ फौसी पर किया खुलासा तो तुलसी गबार्ड को ही निशाना बनाने लगा वॉशिंगटन पोस्ट:...

WaPo ने हिंदुओं के प्रति नफरत फैलाने वाले एक नए लेख में अमेरिका की पूर्व DNI तुलसी गबार्ड और उनके आध्यात्मिक गुरु पर हमला करने की कोशिश की है और खास 'पंथ' से जोड़ा है।

इतिहास की भूल सुधार या नई सियासी जंग? ‘सुहरावर्दी एवेन्यू’ के ‘गोपाल मुखर्जी रोड’ बनने से लगी कॉन्ग्रेसियों के ‘अंग विशेष’ में आग: जानें...

कोलकाता में 'सुहरावर्दी एवेन्यू' का नाम अब 'गोपाल मुखर्जी रोड' हुआ। कॉन्ग्रेस-वामपंथियों ने ध्रुवीकरण का आरोप लगाकर कड़ा विरोध जताया है।

तुमसे ना हो पाएगा दिपके… तुम्हारे ‘लक्षण’ बिलकुल ठीक नहीं लग रहे ‘तिलचट्टों’

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का दूसरा प्रदर्शन भी फ्लॉप रहा। इसके बाद अभिजीत दिपके ने अपने तिलचट्टों को भड़काने की कोशिश की।

क्या अकाल तख्त के आदेश पर CM इस्तीफा दे दें? भगवंत मान विवाद और टिवाना का ऐतिहासिक सबक: जब जिन्ना के दवाब में झुके...

क्या धार्मिक संस्थाएँ निर्वाचित नेताओं के राजनीतिक भविष्य का फैसला कर सकती हैं? खिज्र हयात टिवाना के बहाने भगवंत मान विवाद का पूरा विश्लेषण।

PM नरेंद्र मोदी के 4399 दिन: यात्रा एक ऐसे जननेता की, जिनके लिए राजनीति है राष्ट्रनिर्माण की साधना, सेवा का दायित्व

4,399 दिन केवल कैलेंडर की गिनती नहीं हैं। ये दिन सेवा के हैं, संघर्ष के हैं, संकल्प के हैं, अनुशासन के हैं, तपस्या के हैं और करोड़ों भारतीयों के विश्वास के हैं।

कॉकरोचों के प्रदर्शन में घुसी नेहा बोरा कौन है? जानिए AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष का चिट्ठा- उमर खालिद को बताती है बेचारा, ब्राह्मणों से...

आइए जानते हैं CJP के प्रदर्शन में घुसकर वामपंथी एजेंडे को हवा देने वाली नेहा बोरा कौन हैं और कैसे वो ब्राह्मणों के खिलाफ जहर उगलती आईं हैं।

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