सुप्रीम कोर्ट में पहुँचा मामला ईडी द्वारा गिरफ्तारी से जुड़ा है, लेकिन अब सीबीआई भी उन्हें गिरफ्तार करने वाली है, तो ये साफ है कि अरविंद केजरीवाल को अभी सलाखों के पीछे ही रहना होगा।
अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन SC-ST आरक्षण में क्रीमीलेयर लाने के पक्ष में हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इस वर्ग का छोटा का अभिजात्य समूह जो वास्तव में पिछड़े व वंचित हैं उन तक लाभ नहीं पहुँचने दे रहा है।
इससे पहले यूपीए सरकार के दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता के पानी को लेकर लगभग सहमति बन गई थी। इसके अंतर्गत बांग्लादेश को तीस्ता का 37.5% पानी और भारत को 42.5% पानी दिसम्बर से मार्च के बीच मिलना था।
हाई कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने मामले के पूरे कागजों पर जोर नहीं दिया जो कि पूरी तरह से अनुचित है और दिखाता है कि अदालत ने मामले के सबूतों पर पूरा दिमाग नहीं लगाया है।