इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महिला द्वारा दायर अपील को स्वीकार करते हुए पारिवारिक अदालत के उस फैसले को खारिज कर दिया जिसमें महिला के पति की याचिका पर उनका विवाह भंग कर दिया गया था।
सचिन का आरोप है कि मजिस्ट्रेट अभिषेक त्रिपाठी ने बार-बार उन्हें अपने केबिन में बुला कर अभद्रता की और मुस्लिमों को फर्जी तौर पर गिरफ्तार करने की बात कही।