पुलिस का बढ़ता दबाव देखते हुए साजिद ने पीड़िता को अपने पार्टनर मुदस्सिर सौंप दिया और खुद फरार हो गया। पुलिस ने पीड़िता को मुदस्सिर की गाड़ी से बरामद कर लिया।
शिवशंकर को पीटने के बाद आरोपित निश्चिन्त थे कि उनके खिलाफ कोर्ट में कोई वकील खड़ा नहीं होगा। कामिल मुस्तफा ने अपने दोनों नामजद बेटों को बचाने के प्रयास भी शुरू कर दिए थे।