बिहार में बालू माफिया और उसके गुर्गों ने एक महिला माइनिंग इंस्पेक्टर को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा है। इंस्पेक्टर मिन्नतें करती रहीं। माइनिंग टीम के सदस्यों को भी पीटा गया।
बिहार में ज़हरीली शराब से गरीब मर रहे हैं। उनमें जागरूकता का अभाव है। उनके परिवारों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों? आम जनता पर क्यों थोपा जा रहा दोष?