दीपाली चव्हाण मोहिते, इतनी बहादुर थीं कि सब उन्हें लेडी सिंघम के नाम से जानते थे। लेकिन, प्रताड़ना ने ऐसा तोड़ा कि एक दिन अपने ही सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली।
परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश नरेंद्र कुमार ने अतिया को प्रार्थना पत्र की तारीख से देय 13 लाख 44 हजार रुपए का एकमुश्त देय राशि गुजारा भत्ते के रूप में देने का आदेश दिया है।