दातार से पहले हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का नाम एनडीटीवी की पूर्व कर्मचारी निधि राजदान के कारण चर्चा में आया था। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें यूनिवर्सिटी ने पत्रकारिता पढ़ाने के लिए नियुक्त कर लिया है।
पिछले दिनों कॉन्ग्रेस ने इस आंदोलन की आग में घी डालने का काम किया। उसी का नतीजा है कि राजधानी में एक बार फिर पुलिस व्यवस्था को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है।
किसान लाल किले तक घुस चुके हैं और उन्होंने वहाँ झंडा भी फहरा दिया है। प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले के फाटक पर रस्सियाँ बाँधकर इसे गिराने की कोशिश भी कीं।
उपद्रव को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस जहाँ जान को जोखिम में डालकर सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। वहीं वामपंथी गिरोह सोशल मीडिया पर पुलिस को नेगेटिव दिखाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा।