केस में बुधवार (फरवरी 5, 2020) को जामिया के तीन छात्रों से पूछताछ की गई थी। जिन्हें शरजील के फोन से मिले सबूतों के आधार पर नोटिस देकर जाँच में शामिल होने के लिए कहा गया था। इन छात्रों की पहचान शाहनवाज, सनाउल्लाह और सिद्धार्थ के रूप में हुई है।
सबूत मिटाने के लिए आरोपित ने दोनों माँ-बेटी के शव को टंकी में डाल दिया और फिर शव को जल्दी सड़ाने के लिए टंकी में सोडा-नमक भी डाल दिया। अगले दिन उसने मकान मालिक को दोनों माँ-बेटी के गायब होने की जानकारी दी और उन्हें तलाश करने के नाम पर वहाँ से भाग गया।
"ज्ञानवापी में सतयुग से ही भगवान विश्वेश्वर विराजमान हैं, एएसआई के सर्वे के बाद इस मामले में सच्चाई समाने आ जाएगी। परिसर के मालिक भी भगवान विश्वेश्वर ही हैं। एक मंडप को तोड़ कर औरंगज़ेब ने मस्जिद खड़ी कर दी थी।"
"शरद पवार हमेशा से हिन्दू विरोधी। वे कभी रामायण पर कटाक्ष करते हैं तो कभी उसको अप्रासंगिक बताते हैं। और न ही वे पांडुरंग की पूजा में शामिल होते हैं। पवार नास्तिक मंडलियों के साथ हैं। और ऐसे में अगर पैसों के लालच में उन्हें कोई कार्यक्रमों में बुलाता है तो यह अधार्मिक ही है।"
"हम अगर उसी तरीके से चलते, जिस तरीके से आप लोग चलते हैं तो इस देश से अनुच्छेद 370 नहीं हटता, मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती रहती, नाबालिग से रेप के मामले में फाँसी की सजा का कानून नहीं बनता, राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती, करतारपुर कॉरिडोर कभी नहीं बनता, भारत-बांग्लादेश सीमा विवाद कभी नहीं सुधरता।"
टीपूडा ने कई सारे कार्टून्स को सही (राजनीतिक रूप से) किया है, खासकर सतीश आचार्य द्वारा बनाए गए कार्टून्स। उन्होंने इन कार्टून्स को सही करते हुए बताया है कि कैसे ये ओरिजिनल कार्टून्स पक्षपाती हैं और सिर्फ एक ही पक्ष को दिखाते हैं।
मोहम्मद परवेज अहमद, आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह से व्यक्तिगत रूप से भी फोन और व्हाट्सएप मैसेज के द्वारा जुड़ा हुए है। इसके साथ ही, परवेज अहमद कुछ कॉन्ग्रेस नेता के साथ भी जुड़ा है, जिनमें से उदित राज भी हैं। परवेज अहमद 'भीम आदमी' जैसे दलों के व्हाट्सएप समूह से भी जुड़ा हुआ है।
अपनी टिकट काटे जाने पर MLA नारायण दत्त शर्मा ने AAP पर बदरपुर के भू माफियाओं को 20 करोड़ रुपए में टिकट बेचने का आरोप लगाया था। दिल्ली चुनाव 2020 में नारायण दत्त AAP के बजाय BSP से चुनाव लड़ रहे हैं।
"सब इंस्पेक्टर उमराव खान से किन्हीं वजहों से मेरा संपर्क 2016 में हुआ था। उसने अपने तीन साथियों इब्राहिम, हाजी मैनुद्दीन और शाहिद के साथ मिलकर नशीला पदार्थ खिलाकर मेरे साथ गैंगरेप किया। अब इसका वीडियो वायरल करके..."
"सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के मुताबिक मस्जिद निर्माण के लिए भूमि उपयुक्त जगह पर नहीं दी गई है। वहाँ अयोध्या के लोग नमाज पढ़ने नहीं जा सकते। हम अब राज्य सरकार के आवंटन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।"