एक छात्रा ने अवध ओझा को गुंडा करार दिया। यही नहीं, छात्रा ने कहा कि वो कहने को इतिहास पढ़ाते हैं, लेकिन करते हैं सिर्फ ज्ञान की बातें, उनका सिलेबस तक पूरा नहीं है।
महिला ने सोशल मीडिया पर आपबीती पोस्ट की है। इस पोस्ट में बताया गया कि कैसे बेंगलुरु में नौकरी के दौरान महिला को कन्नड़ न आने के कारण कितना भेदभाव झेलना पड़ा।