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शिकागो में गूँजा ‘ॐ शांति’ और ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’: अमेरिका में डेमोक्रेट के सबसे बड़े कार्यक्रम में मंच से मंत्रोच्चारण, जानिए कौन हैं पुजारी राकेश भट्ट

राकेश भट्ट ने पहले संस्कृत में श्लोक पढ़े और फिर उनका अंग्रेजी में अर्थ समझाया ताकि पता चल सके कि आखिर वो कह क्या रहे थे। श्लोक पढ़ने के बाद उन्होंने साथ ही आखिर में ओम शांति-शांति का भी पाठ किया।

अमेरिका में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव से पहले शिकागो में डेमोक्रेटिक पार्टी का नेशनल कन्वेंशन जारी है। इस बीच डीएनसी के मंच से गुरुवार (22 अगस्त 2024) को हिंदू मंत्रोच्चारण सुनाई पड़ा। ये मंत्रोच्चारण करने वाले हिंदू पुजारी राकेश भट्ट थे। डीएनसी कन्वेंशन के तीसरे दिन उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत की।

इस दौरान राकेश भट्ट ने पहले संस्कृत में श्लोक पढ़े और फिर उनका अंग्रेजी में अर्थ समझाया ताकि पता चल सके कि आखिर वो कह क्या रहे थे। श्लोक पढ़ने के बाद उन्होंने साथ ही आखिर में ओम शांति-शांति का भी पाठ किया।

उन्होंने कहा, “भले ही हमारे बीच मतभेद हों, लेकिन जब राष्ट्र की बात आती है तो हमें एकजुट होना होगा और यह हमें सभी के लिए न्याय की ओर ले जाएगा। हमें एकमत होना चाहिए। हमारे दिमाग एक साथ सोचें। हमारे दिल एक साथ धड़कें। यह सब समाज की बेहतरी के लिए है। यह हमें शक्तिशाली बनाए ताकि हम एकजुट हो सकें और अपने देश को गौरवान्वित कर सकें।”

राकेश भट्ट ने आगे कहा, “हम एक सार्वभौमिक परिवार हैं। सत्य हमारा आधार है और हमेशा जीतता है। हमें असत्य से सत्य की ओर ले चलो। अंधकार से प्रकाश की ओर, और मृत्यु से अमरता की ओर (तमसो मा ज्योतिर्गमय)। ओम शांति शांति शांति।”

गौरतलब है कि राकेश भट्ट एक पारंपरिक माधवा ब्राह्मण परिवार से आते हैं और बेंगलुरु के रहने वाले हैं, जो बाद में अमेरिका शिफ्ट हो गए। उनका प्रशिक्षण उनके गुरु, उडुपी मठ के श्री पेजावर स्वामीजी के मार्गदर्शन में हुआ। रकेश भट्ट के पास संस्कृत, अंग्रेजी कन्नड़ में स्नातक और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री है। इसके अलावा उन्हें उत्तरादि मठ और उडुपी अष्ट मठ जैसे संस्थानों से सत्शास्त्र विद्वान का सम्मान मिला है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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