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ईवीएम पर नहीं लगा था BJP का टैग, तृणमूल कॉन्ग्रेस ने झूठ फैलाया: चुनाव आयोग ने खोली पोल, बताया- क्यों लिए जाते हैं मशीन पर हस्ताक्षर

टीएमसी के आरोपों को झुठलाते हुए ईसी ने ये साफ किया है कि कैसे टीएमसी इस मामले में आधी-अधूरी जानकारी के साथ झूठ फैला रही है जबकि हकीकत तो यह है कि वो हस्ताक्षर कमीशनिंग के दौरान कराए गए थे। अगर उस जगह पर अन्य प्रत्याशियों का एजेंट होता तो उस पार्टी के साइन भी उस पर दिखाई पड़ते।

लोकसभा चुनाव के छठे चरण के मतदान के बीच विपक्ष लगातार झूठे आरोप लगाकर अपनी फजीहत करवा रहा है। इस बार ये काम तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी ने किया है, जिन्हें जवाब भारतीय निर्वाचन आयोग ने खुद दिया। ईसी ने टीएमसी के ट्वीट पर जवाब देकर बताया है कि कैसे उनके द्वारा दी गई जानकारी अधूरी और गलत है।

छठे चरण के मतदान के बीच ऑल इंडिया तृणमूल कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया कि बांकुरा के रघुनाथपुर में 5 ईवीएम मिली है जिनके ऊपर भाजपा का टैग लगा है। ट्वीट में चुनाव आयोग से तुरंत एक्शन लेने को कहा गया था। इसके साथ फोटो में दिखाई दे रहे कागज को भी लाल गोला किया गया था ताकि पता चल सके किस चीज को भाजपा का टैग कहा जा रहा है।

अब चुनाव आयोग ने इसी ट्वीट का जवाब देते हुए टीएमसी के दावे की सच्चाई बताई। ईसी ने कहा, “कमीशनिंग के दौरान, उम्मीदवारों और उनके एजेंटों द्वारा मौजूद कॉमन एड्रेस टैग पर हस्ताक्षर करवाए गए थे। चूँकि उस समय केवल भाजपा उम्मीदवार का प्रतिनिधि ही मौजूद था, इसलिए ईवीएम और वीवीपैट को चालू करने के लिए उनके हस्ताक्षर लिए गए।”

ईसी ने यह भी कहा, “मतदान केंद्र 56, 58, 60, 61 और 62 पर मौजूद सभी एजेंटों के हस्ताक्षर मतदान के दौरान प्राप्त किए गए थे। सभी ईसीआई मानदंडों का पालन किया गया, मतदान पूरी तरह से सीसीटीवी कवरेज के तहत किया गया था, और इसकी विधिवत वीडियोग्राफी की गई थी।”

कुल मिलाकर टीएमसी के आरोपों को झुठलाते हुए ईसी ने ये साफ किया है कि कैसे टीएमसी इस मामले में आधी-अधूरी जानकारी के साथ झूठ फैला रही है जबकि हकीकत तो यह है कि वो हस्ताक्षर कमीशनिंग के दौरान कराए गए थे। अगर उस जगह पर अन्य प्रत्याशियों का एजेंट होता तो उस पार्टी के साइन भी उस पर दिखाई पड़ते।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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