Wednesday, August 4, 2021
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FACT CHECK: मनोज तिवारी ने नहीं लिखा नड्डा को पत्र, फर्जी लेटर वायरल

भाजपा ने 2014 के बाद अपने चुनाव चिह्न में बदलाव किया है। भाजपा नेता नीलकंठ बख्शी ने भी इस बात की पुष्टि की है। एक और अंतर ये है कि असली लेटर हेड में भाजपा का नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों में लिखा हुआ है, जबकि फ़र्ज़ी पत्र में केवल हिंदी में ही लिखा हुआ है।

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी के नाम से एक फ़र्ज़ी पत्र वायरल हो रहा है। कहा जा रहा है कि दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने ये पत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजा है। पत्र शेयर करने वाले दावा कर रहे हैं कि दिल्ली में भावी हार से घबरा कर तिवारी ने ये पत्र लिखा है। उन्हें पता चल गया है कि आम आदमी पार्टी भारी जीत की तरफ बढ़ रही है और भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार जाएगी, ऐसा दावा किया जा रहा है। क्या है इस पत्र के पीछे की सच्चाई?

सबसे पहले बताते हैं कि इस पत्र में लिखा गया है। वायरल पोस्ट्स और ट्वीट्स के अनुसार, मनोज तिवारी ने इस पत्र में जेपी नड्डा से गुहार लगाई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार से दूर रखा जाए क्योंकि भाजपा हार रही है। मनोज तिवारी इस पत्र में लिखते हैं कि वो हार की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं क्योंकि इसकी आँच मोदी-शाह तक नहीं जानी चाहिए। इस पत्र में लिखा हुआ है कि आंतरिक सर्वे में भी भाजपा पीछे चल रही है। परिस्थितियों को भाजपा के लिए प्रतिकूल बताया गया है।

दरअसल, वायरल पत्र फ़र्ज़ी है। मनोज तिवारी ने ऐसा कोई पत्र जेपी नड्डा को नहीं लिखा है। और न ही भाजपा के आंतरिक सर्वे में ऐसी कोई बात सामने आई है, जिससे पता चलता हो कि वो दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल की पार्टी से पीछे चल रही है। ऑपइंडिया ने जनवरी 26, 2020 को एक ख़बर प्रकाशित की थी, जिसमें बताया गया था कि भाजपा के आंतरिक सर्वे में पार्टी को 40 सीटें मिलती दिख रही है। यह बहुमत से 4 सीटें ज्यादा है। उसके बाद भाजपा के बड़े नेताओं ने गहन चुनाव प्रचार अभियान चलाया है।

मनोज तिवारी के नाम से वायरल हुए फ़र्ज़ी पत्र

अब आते हैं इस पत्र के अन्य पहलुओं पर। मनोज तिवारी का ‘लेटर हेड’ अलग है। नीचे दिए गए पत्र को देखिए, जो मनोज तिवारी ने दिसंबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा था। इस पत्र में भाजपा का चुनाव चिह्न भी अलग है। भाजपा ने 2014 के बाद अपने चुनाव चिह्न में बदलाव किया है। भाजपा नेता नीलकंठ बख्शी ने भी इस बात की पुष्टि की है। एक और अंतर ये है कि असली लेटर हेड में भाजपा का नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों में लिखा हुआ है, जबकि फ़र्ज़ी पत्र में केवल हिंदी में ही लिखा हुआ है।

मनोज तिवारी का असली लेटर हेड

फ़र्ज़ी पत्र वायरल करने वाले ने एक ग़लती ये की है कि उसने भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय का पता लिख दिया है। जबकि, मनोज तिवारी के पत्र में भाजपा के राज्य मुख्यालय का पता लिखा होता है। अर्थात, पता ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय मार्ग’ न होकर ‘पंडित पंत मार्ग’ होगा। भाजपा ने इस पत्र को विरोधियों को साज़िश करार दिया है और फ़र्ज़ी बताया है। वायरल पत्र फ़र्ज़ी है। मनोज तिवारी ने ऐसा कोई पत्र लिखा ही नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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