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फैक्ट चेक: जाफराबाद में हिन्दुओं द्वारा 13 साल की मुस्लिम लड़की के गैंगरेप की ख़बर फर्जी

जफराबाद पुलिस SHO सत्यदेव के साथ बातचीत में भी यह पुष्टि की गई है कि दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में सामूहिक बलात्कार की ऐसी कोई भी घटना घटित नहीं हुई है और उन्होंने इसे फर्जी खबर बताया।

सोशल मीडिया पर दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के के बारे में मीडिया गिरोह ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया एकाउंट्स भी उनका खूब साथ देते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसी ही एक खबर ट्विटर पर शेयर की जा रही है जिसमें दावा किया गया है कि जाफराबाद में हिन्दुओं ने 13 साल की एक मुस्लिम लड़की के साथ बलात्कार किया।

रिपब्लिक ऑफ बज़ के नाम से एक समाचार वेबसाइट ने मार्च 01, 2020 को एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें दावा किया गया था कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके की 13 वर्षीय मुस्लिम लड़की दीबा (Deeba) का नागरिकता कानून के विरोध के दौरान हुई हिंसा में हिंदूओं की भीड़ द्वारा बलात्कार किया गया।

रिपब्लिक ऑफ़ बज़ ने इस खबर का शीर्षक रखा है – “हिंदू मॉब ने 13 साल की एक मुस्लिम लड़की का जाफराबाद में गैंग रेप किया।” इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आरोपित हिंदू भीड़ ने जिस कॉलोनी में दीबा रहती है, वहाँ तबाही मचाई और मुस्लिमों के साथ अत्याचार किए। इसमें आगे लिखा गया है कि जैसे ही उसने भागने की कोशिश की, हिंदू भीड़ के लोगों ने दीबा का पीछा किया और उसे सड़क से ले जाकर उसके साथ सात हिन्दुओं ने सामूहिक बलात्कार किया।

इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि हिन्दुओं ने उस लड़की को ओरल सेक्स और अप्राकृतिक सेक्स के लिए भी मजबूर किया। इस खबर को सोशल मीडिया पर साझा करने वाले कई भारतीय ट्विटर उपयोगकर्ताओं में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम सदस्य जुबेर मैमन भी है, जिन्होंने 1 मार्च को ही रिपोर्ट ट्वीट की थी।

यह फर्जी खबर शेयर करने वालों में सिर्फ ज़ुबैर ही नहीं बल्कि तेलंगाना की ही एक राजनीतिक पार्टी MBT के सदस्य और प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने भी इसे शेयर किया है।

क्या है हक़ीक़त

वास्तविकता यह है कि यह खबर एकदम झूठी है और ऐसी किसी भी मुस्लिम लड़की के साथ बलात्कार नहीं हुआ। रिपब्लिक ऑफ़ बज द्वारा फीचर फोटो के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च में डालने पर पता चलता है कि यह तस्वीर बांग्लादेश से चलने वाले एक पेज ‘वी आर दी गर्ल्स” नाम के पेज से ली गई है, जिसमें कि हिजाब पहने हुए कई अन्य महिलाओं की भी तस्वीर शेयर की गई हैं।

जफराबाद पुलिस SHO सत्यदेव के साथ बातचीत में भी यह पुष्टि की गई है कि दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में सामूहिक बलात्कार की ऐसी कोई भी घटना घटित नहीं हुई है और उन्होंने इसे फर्जी खबर बताया। इसके बाद यदि
Republic of Buzz नाम की इस वेबसाइट पर जाने पर पता चला यहाँ ऐसी ही तमाम फर्जी हिन्दू और भारत विरोधी प्रोपेगैंडा में शामिल खबरों को प्रकाशित करने वाली वेबसाइट है।

वेबसाइट और इनके फेसबुक पेज की पड़ताल में पता चलता है कि इस पेज को पाकिस्तानी चलाते हैं और पाकिस्तानी सेना का भी खूब गुणगान किया जाता है। यह आर्टिकल लिखने वाली Alila Chophy Naga (अलीला नागा) के फेसबुक प्रोफ़ाइल की तलाश लेने पर पता चलता है कि वो एक ‘नागा अलगाववादी भी है।

‘Republic of Buzz’ के यूट्यूब चैनल पर भी भारत-विरोधी एजेंडा से भरी हुई खबरें देखी जा सकती हैं।

निष्कर्ष

जाफराबाद में हिन्दुओं द्वारा तेरह साल की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार की खबर एकदम फर्जी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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