Sunday, September 1, 2024
Homeफ़ैक्ट चेकसोशल मीडिया फ़ैक्ट चेकउफनती नदी से हिरण के बच्चे को बचाते लड़के की वायरल हो रही फोटो...

उफनती नदी से हिरण के बच्चे को बचाते लड़के की वायरल हो रही फोटो असम की नहीं, बांग्लादेश में 6 साल पहले आई बाढ़ की है

असम में बाढ़ के प्रकोप के बीच सोशल मीडिया पर एक लड़के की तस्वीर वायरल हो रही है, जिनमें इस लड़के को बाढ़ के पानी से एक हिरण को बचाने की कोशिश करते देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को इस दावे के साथ वायरल किया जा रहा है कि यह घटना असम की है।

असम से लेकर बिहार तक भारी बारिश और नदियों में बढ़ते जलस्तर से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। देश के इन दोनों राज्यों में बाढ़ से स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसकी वजह से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं, जान और माल दोनों का ही नुकसान हुआ है। इस बीच सोशल मीडिया पर असम की बाढ़ से जोड़कर लगातार गलत फोटो और वीडियो भी शेयर किए जा रहे हैं।

असम में बाढ़ के प्रकोप के बीच सोशल मीडिया पर एक लड़के की तस्वीर वायरल हो रही है, जिनमें इस लड़के को बाढ़ के पानी से एक हिरण को बचाने की कोशिश करते देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को इस दावे के साथ वायरल किया जा रहा है कि यह घटना असम की है।

इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि लड़का लगभग पूरा पानी में डूबा हुआ है, लेकिन डरे हुए हिरण के बच्चे को बाहर निकाल रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इस लड़के ​की तुलना मशहूर फिल्म ‘बाहुबली’ के काल्पनिक कैरेक्टर ‘बाहुबली’ और ‘शिवगामी’ से कर रहे हैं।

कर्नाटक कॉन्ग्रेस के नेता रक्षित शिवराम (Rakshith Shivaram) ने भी इन तस्वीरों को शेयर करते हुए अंग्रेजी में कैप्शन लिखा, जिसका हिंदी अनुवाद कुछ इस तरह होगा: “असम का असली ‘बाहुबली’ जिसने हिरण के बच्चे को डूबने से बचाया।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर

सच क्या है?

ये तस्वीरें असम में आई मौजूदा बाढ़ की नहीं, बल्कि 2014 में बांग्लादेश में आई बाढ़ की है। रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें ‘डेली मेल’ की रिपोर्ट मिली, जो फरवरी, 2014 में छपी थी। यह खबर बांग्लादेश में बाढ़ के बारे में है।

इसमें इसी तरह की एक तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें एक लड़का हिरण के बच्चे को बाढ़ के पानी से बचा रहा है। खबर के मुताबिक, यह घटना बांग्लादेश के नोआखली जिले की है।

बाढ़ के दौरान हिरण का बच्चा अपने झुंड से बिछड़ गया था। बिलाल नाम के एक लड़के ने उसे असहाय हालत में देखा तो अपनी जिंदगी दाँव पर लगाकर उसे बढ़ते पानी से बाहर निकाल लाया। ‘डेली मेल’ के मुताबिक, ये तस्वीरें वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर हसीबुल वहाब ने खींची थीं। उस समय वे नोआखली के दौरे पर थे। बाद में “कैटर्स न्यूज एजेंसी” ने इसे प्रसारित किया था।

निष्कर्ष

इस तरह साफ है कि बाढ़ के पानी से डूबते हुए हिरण के बच्चे को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लड़के की तस्वीर असम की नहीं हैं। ये तस्वीरें छह साल पुरानी हैं और बांग्लादेश की हैं।

प्रियंका गाँधी ने भी शेयर की थी पुरानी तस्वीर

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने सोमवार (जुलाई 20, 2020) को बाढ़ की पुरानी तस्वीरें पोस्ट कर कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से असम और बिहार में आई बाढ़ की वजह से प्रभावित लोगों की मदद करने की अपील की थी।

हालाँकि इस ट्वीट को लेकर प्रियंका गाँधी खुद ही घिर गई। प्रियंका के ट्वीट को यूजर्स ने हाथों हाथ लेते हुए जहाँ उन पर जमकर निशाना साधा, वहीं कुछ ने इसे ठीक करने की सलाह भी दी थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जनता की समस्याएँ सुन रहे थे गिरिराज सिंह, AAP पार्षद शहज़ादुम्मा सैफी ने कर दिया हमला: दाढ़ी-टोपी का नाम ले बोले केंद्रीय मंत्री –...

शहजादुम्मा मूल रूप से बेगूसराय के लखमिनिया का रहने वाला है। वह आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता है जो वर्तमान में लखमिनिया से वार्ड पार्षद भी है।

चुनाव आयोग ने मानी बिश्नोई समाज की माँग, आगे बढ़ाई मतदान और काउंटिंग की तारीखें: जानिए क्यों राजस्थान में हर वर्ष जमा होते हैं...

बिश्नोई समाज के लोग हर वर्ष गुरु जम्भेश्वर को याद करते हुए आसोज अमावस्या मनाते है। राजस्थान के बीकानेर में वार्षिक उत्सव में भाग लेते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -