कपिल मिश्रा का दिल्ली वालों के नाम खुला ख़त: केजरीवाल रच रहे पूर्ण राज्य के नाम पर षड्यंत्र

क्यों चाहते हैं केजरीवाल दिल्ली की बर्बादी? क्योंकि जहां गरीबी और भुखमरी फैलती है वहाँ नक्सली और देशद्रोहियों को फैलना आसान होता है। दिल्ली को देशद्रोहियों और नक्सलियों का अड्डा बनाने की तैयारी में हैं केजरीवाल इसलिए दिल्ली की बर्बादी में ही उनका फायदा हैं।

आज दिल्ली वालों के सामने एक बहुत बड़ा सवाल है कि दिल्ली देश की राजधानी रहेगी या हटा दी जाएगी?

दिल्ली का राजधानी का दर्जा ख़तम करवाने की साजिश और कोई नहीं बल्कि खुद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के द्वारा रची जा रही है। जी हाँ, दिल्ली सरकार ने ‘पूर्ण राज्य’ के नाम पर जो प्रस्ताव तैयार किया है उसमें स्पष्ट लिखा है कि केवल नई दिल्ली और चाणक्यपुरी को देश की राजधानी बनाया जाए और बाकि दिल्ली का राजधानी का दर्जा खत्म कर दिया जाए। ये दिल्ली वालों के साथ सबसे बड़ा धोखा और ग़द्दारी है।

आज दिल्ली के लगभग 90% निवासी किसी न किसी पूर्ण राज्य को छोड़कर ही दिल्ली में रहने आए हैं, भारत की राजधानी में रहने के लिए। बिहार, यूपी, पंजाब, राजस्थान, बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, असम देश का ऐसा कोई पूर्ण राज्य नहीं जहां से लोग दिल्ली ना आए हों। एक सपना लेकर- भारत की राजधानी में रहने का सपना। खुद केजरीवाल चुनाव लड़ने से एक हफ्ते पहले तक दिल्ली के वोटर तक नहीं थे, यूपी के वोटर थे। वो रहने वाले भी मूलतः हरियाणा के हैं।

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आज उन्हें दिल्ली के बाहर से आने वाला हर आदमी दुश्मन लगने लगा है। क्या दिल्ली कभी पूर्ण राज्य बन सकती है? जी नहीं, जब तक दिल्ली देश की राजधानी हैं, ये कभी पूर्ण राज्य नहीं बन सकती। कभी भी नहीं। अगर कोई आपको ये कहता हैं कि दिल्ली पूर्ण राज्य बन जाएगी तो वो आपसे सफेद झूठ बोल रहा है, आपकी आंखों में धूल झोंक रहा है। दिल्ली देश की राजधानी थी, है और हमेशा रहेगी। किसी केजरीवाल की औकात नहीं है जो दिल्ली का राजधानी का दर्जा ख़तम कर सके।

‘पूर्ण राज्य’ – एक फ्रॉड स्कीम

पूर्ण राज्य एक फ्रॉड स्कीम है। जैसे पिछले चुनाव में एक फ्रॉड स्कीम आयी थी- जनलोकपाल की फ्रॉड स्कीम। चुनाव जीतने के बाद- कौन जनलोकपाल? कैसा जनलोकपाल? एक फ्रॉड आदमी की एक और फ्रॉड स्कीम- पूर्ण राज्य। केजरीवाल कहते हैं सात सांसद जिता दो, हम पूर्ण राज्य बना देंगे। पर ये नहीं बताते कि सात सांसद तो उनके पास पहले भी थे- चार लोकसभा में और तीन राज्यसभा में। अगर सात सांसदों से पूर्ण राज्य बनता हैं तो क्यों नहीं बन गया दिल्ली पूर्ण राज्य?

देश की राजधानी होने का मतलब क्या है? सोचिए दिल्ली में मेट्रो का सबसे बड़ा और बेहतरीन नेटवर्क क्यों हैं? क्योंकि दिल्ली देश की राजधानी है। देश का सबसे शानदार एयरपोर्ट क्यों हैं? कभी सोचा है कि केवल 50 किलोमीटर के अंदर आईआईटी, एम्स, पाँच विश्वविद्यालय, सैकड़ों कॉलेज, स्कूल, कई बड़े अस्पताल, बड़े-बड़े स्टेडियम, हजारों पार्क, सैकड़ों एतिहासिक इमारतें, थोक व्यापार का केंद्र, बड़ी बड़ी मार्केट ये सब क्यों और कैसे हैं दिल्ली में? क्योंकि दिल्ली देश की राजधानी है। अगर दिल्ली देश की राजधानी नहीं होती तो क्या ये सब दिल्ली में होता? जी नहीं, असंभव था।

बिना राजधानी के कैसी होगी दिल्ली की हालत? अब कल्पना कीजिये एक ऐसे राज्य की जो केवल 50-60 किलोमीटर बड़ा हो, जिसके पास ना अपना पानी हो, ना बिजली, ना कोई प्राकृतिक संसाधन और लगभग दो करोड़ की जनसंख्या। सोचिए क्या होगा ऐसे राज्य में ?

दिल्ली का राजधानी का दर्जा ख़तम होते ही कम से कम 30 लाख दिल्लीवाले तुरंत बेरोजगार हो जाएंगे, व्यापार, काम धंधा ठप्प हो जाएगा, पानी, खाने और रोजमर्रा की जरूरतों तक के लिए दंगे होने शुरू हो जाएंगे। अपराध, लूट और भयानक गरीबी के जाल में दिल्ली उलझ जाएगी।

क्यों चाहते हैं केजरीवाल दिल्ली की बर्बादी? क्योंकि जहां गरीबी और भुखमरी फैलती है वहाँ नक्सली और देशद्रोहियों को फैलना आसान होता है। केजरीवाल आज टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खुलकर खड़े हैं। उनकी जाँच होने से रोक रहे हैं। पूर्ण राज्य ना होने पर जब वो खुलकर नक्सलियों और देशद्रोहियों का साथ दे रहे हैं तो पूर्ण राज्य होने पर तो वो दिल्ली की हालत कश्मीर घाटी जैसी बना देंगे। दिल्ली को देशद्रोहियों और नक्सलियों का अड्डा बनाने की तैयारी में हैं केजरीवाल इसलिए दिल्ली की बर्बादी में ही उनका फायदा है।

सफेद झूठ हैं पूर्ण राज्य बनाने के वादे

आजकल हर बात पर केजरीवाल कहते हैं पूर्ण राज्य होता तो मैं सिंगापुर लंदन पेरिस बना देता, सबको रहने के लिए बंगला दे देता, सबको नौकरी दे देता। अपनी हर नाकामी, निक्कमेपन को छिपाने के लिए पूर्ण राज्य का बहाना। केजरीवाल कहते रहे कि पूर्ण राज्य नहीं होगा तो कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों का वादा पूरा नहीं कर सकता, महिला सुरक्षा नहीं कर सकता, पानी नहीं दे सकता, सड़क,अस्पताल नहीं बना सकता। केजरीवाल का मंतव्य यही था कि जिस तरह ‘ना नौ मन तेल होगा, ना राधा नाचेगी’ वैसे ही ना दिल्ली पूर्ण राज्य बनेगी ना केजरीवाल कोई काम करेगा।

अब समय आ गया ऐसे फ्रॉड इंसान को ये समझाने का कि हम दिल्ली वाले कौन हैं और फ्रॉड करने वाले लोगों का हम क्या हाल करते हैं। अगर कोई पूर्ण राज्य की बात करने आए तो ये समझ लेना वो राजधानी का दर्जा ख़तम करने की बात कर रहा है, नक्सलियों और देशद्रोहियों का अड्डा बनाने की बात कर रहा है, दिल्ली को बर्बाद करना चाहता है और जो हमारी दिल्ली को बर्बाद करने की बात करेगा उसका हम दिल्ली वाले क्या हाल करेंगे, ये बताने का समय आ गया है।

आइये इस चुनाव में इस फ्रॉड स्कीम बेचने वाले केजरीवाल का बंटाधार कर दें। कोई अगर पूर्ण राज्य के नाम पर वोट मांगने आए तो उसका स्वागत उसी की ‘झाड़ू’ से जोरदार तरीके से किया जाए। हमारे वोट की ताकत से हम अपनी दिल्ली भी बचा सकते हैं और अपना देश भी। दिल्ली हमेशा रहेगी देश की राजधानी, फ्रॉड केजरीवाल को याद दिलाएगी नानी।

आपका भाई- कपिल मिश्रा


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