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गंदे नाले पर रखा मंदिर का नक्काशी वाला प्राचीन स्तम्भ, ट्विटर पर लोगों में आक्रोश

एक ट्विटर यूजर ने कुछ तस्वीरें ट्वीट करते हुए लिखा, "ऐतिहासिक शहर काँचीपुरम में, भारत की विरासत ड्रैनेज चैनल के लिए एक सपोर्ट का काम कर रही है।"

दक्षिण भारत हिन्दू सभ्यता से जुड़े कई प्राचीन साक्ष्यों का एक बड़ा स्रोत रहा है। खासकर प्राचीन मंदिरों और वास्तुकला की धरोहर के लिए कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्य पर्यटकों के लिए भी एक कौतुक का विषय रहते हैं। वास्तुकला का एक ऐसा ही उदाहरण सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है, लेकिन गलत कारणों से।

दरअसल, ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर की जा रही हैं, जिसमें मंदिर के स्तम्भ जैसा नजर आ रहा एक प्राचीन बड़ा पत्थर एक नाले के ऊपर रखा नजर आ रहा है। इस पत्थर पर कुछ नक्काशियाँ देखी जा सकती हैं जिन पर कुछ आकृतियाँ नजर आ रही हैं। दक्षिण भारत के कई प्राचीन मंदिरों पर लगे स्तम्भों पर भी ऐसे चित्र देखे जाते हैं। लोगों का दावा है कि यह तमिलनाडु के काँचीपुरम स्थित पेरिया के पास की तस्वीरें हैं।

रविवार (दिसंबर 27, 2020) शाम ‘धर्म रक्षक’ नाम के एक ट्विटर यूजर ने कुछ तस्वीरें ट्वीट करते हुए लिखा, “ऐतिहासिक शहर काँचीपुरम में, भारत की विरासत ड्रैनेज चैनल पर सपोर्ट का काम कर रही है।”

इस तस्वीर पर प्रतिक्रिया देते हुए कुछ लोगों ने अनुमान लगाया है कि यह किसी 600 साल पुराने शिव मंदिर के पत्थर लग रहे हैं।

आदित्य नाम के ट्विटर यूजर ने एक लोकेशन शेयर करते हुए बताया है कि तस्वीरों में नजर आ रही जगह तमिलनाडु स्थित पेरिया, काँचीपुरम की है।

कुछ लोगों ने ASI को टैग करते हुए इन तस्वीरों की पुष्टि कर उचित कार्रवाई करने की भी माँग की है। तस्वीरों से आक्रोशित ट्विटर यूजर्स ने लिखा है कि ASI को मुगलों के किलों से समय निकलकर इन पर ध्यान देना चाहिए।

हिन्दू मंदिरों के बारे में जानकारी देने वाले ‘लॉस्ट टेम्पल’ नाम के ट्विटर अकाउंट ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को इन तस्वीरों के साथ टैग करते हुए लिखा है, “क्या यही हमारी प्राचीन विरासत के प्रति सम्मान है? एक सदियों पुराना स्तम्भ नाले पर पुल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। आदरणीय मुख्यमंत्री, जितनी जल्दी हो सके कृपया कार्रवाई करें।”

तस्वीरों से निराश एक ट्विटर यूजर ने आपत्ति दर्ज करते हुए लिखा है कि तमिलनाडु राज्य हिन्दू विरोधी जहर के लिए प्रसिद्ध होता जा रहा है।

इन तस्वीरों की वास्तविकता के लिए हमने जिनसे सम्पर्क किया उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को बताई गई जगह पर भेज दिया गया है। इस सम्बन्ध में अन्य जानकारी मिलने पर रिपोर्ट अपडेट की जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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