Saturday, April 13, 2024
Homeविविध विषयधर्म और संस्कृतिकेरल सरकार करेगी मंदिर में ST समुदाय के पुजारी की नियुक्ति: मंदिर बोर्ड पहले...

केरल सरकार करेगी मंदिर में ST समुदाय के पुजारी की नियुक्ति: मंदिर बोर्ड पहले भी कर चुका है 6 दलितों को शामिल

मंदिर बोर्ड, जो कि केरल राज्य की वामपंथी सरकार के अधीन है, एसटी समुदाय के एक व्यक्ति को पुजारी नियुक्त करेगा।

केरल की राज्य सरकार ने त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (Travancore Devaswom Board) में अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के एक व्यक्ति को मंदिर के पुजारी के रूप में नियुक्त करने का फैसला किया है। यह पहली बार है जब अनुसूचित जनजाति समुदाय के किसी शख्स को बोर्ड के पुजारी के तौर पर नियुक्त किया गया है। 2017 में बोर्ड में 6 दलितों को भी शामिल किया गया था।

त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड राज्य के 1248 मंदिरों की देखभाल और प्रबंधन का जिम्मा संभालता है। फ़िलहाल, पार्ट टाइम आधार पर बोर्ड में 18 एससी (SC) और 1 एसटी (ST) पुजारी की नियुक्ति की गई है। सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर का प्रबंधन भी यही बोर्ड करता आ रहा है। मंदिर बोर्ड, जो कि केरल राज्य की वामपंथी सरकार के अधीन है, एसटी समुदाय के एक व्यक्ति को पुजारी नियुक्त करेगा।

केरल राज्य के पर्यटन और देवास्वोम मंत्री कडकमपल्ली सुरेंद्रन ने जानकारी दी है कि ये पहली बार है जब राज्य में त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड ने किसी अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के पुजारी की नियुक्ति का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड फिर से इतिहास रच रहा है और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) वर्ग के 19 व्यक्तियों को त्रावणकोर देवस्वॉम बोर्ड में अंशकालिक शांति अधिकारी के पद पर नियुक्ति के लिए सिफारिश की जाएगी। उन्होंने बताया:

“अगस्त 23, 2017 को अस्तित्व में आई रैंक सूची से त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड में अंशकालिक शांति के पद के लिए अब तक 310 व्यक्तियों का चयन किया गया है। हालाँकि, चूँकि उस समय परीक्षा के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के पर्याप्त उम्मीदवार नहीं थे, इसलिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए विशेष अधिसूचना के अनुसार तैयार की गई रैंक सूची को अंतर को भरने के लिए बृहस्पतिवार (नवंबर 11, 2020) को प्रकाशित किया गया था। अनुसूचित जनजाति के लिए 4 रिक्तियाँ थीं लेकिन केवल एक आवेदन प्राप्त हुआ था।”

उन्होंने ये भी जानकारी दी कि जब से LDF सरकार सत्ता में आई है, भर्ती बोर्ड को पुनर्गठित किया गया है और 474 उम्मीदवारों को त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड में विभिन्न पदों के लिए चुना गया है, कोचीन देवस्वोम बोर्ड में विभिन्न पदों के लिए 325 उम्मीदवारों का चयन किया गया है और 16 उम्मीदवारों का चयन मालाबार देवास्वोम बोर्ड के लिए किया गया है। उन्होंने ये भी बताया कि अब तक तीन देवस्वाम बोर्डों के लिए कुल 815 उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने भी 5000 ऐसे पुजारियों को प्रशिक्षित कर विभिन्न मंदिरों में नियुक्त किया है, जो एससी-एसटी (दलित) समुदाय से आते हैं। संगठन के निवेदन के बाद विभिन्न राज्य सरकारों ने भी अपने पैनल में इन पुजारियों को जगह दी है। खासकर दक्षिण भारत में संगठन को इस कार्य में खासी सफलता मिली है। अकेले तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में एससी-एसटी (दलित) समुदाय के 2500 पुजारियों को प्रशिक्षित किया गया है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘शबरी के घर आए राम’: दलित महिला ने ‘टीवी के राम’ अरुण गोविल की उतारी आरती, वाल्मीकि बस्ती में मेरठ के BJP प्रत्याशी का...

भाजपा के मेरठ लोकसभा सीट से उम्मीदवार और अभिनेता अरुण गोविल जब शनिवार को एक दलित के घर पहुँचे तो उनकी आरती उतारी गई।

संदेशखाली में यौन उत्पीड़न और डर का माहौल, अधिकारियों की लापरवाही: मानवाधिकार आयोग की आई रिपोर्ट, TMC सरकार को 8 हफ़्ते का समय

बंगाल के संदेशखाली में टीएमसी से निष्कासित शेख शाहजहाँ द्वारा महिलाओं के उत्पीड़न के मामले में NHRC ने अपनी रिपोर्ट जारी की है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe