Monday, June 17, 2024
Homeविविध विषयमनोरंजनदूरदर्शन एक ऐसी भावना, जो देश को एकता का आभास कराती है: 61वीं सालगिरह...

दूरदर्शन एक ऐसी भावना, जो देश को एकता का आभास कराती है: 61वीं सालगिरह पर भावुक हुए लोग, शेयर की यादें

“दूरदर्शन अपने जीवन का भाग है। रामायण, महाभारत से लेकर न जाने कितने अच्छे कार्यक्रम दूरदर्शन ने दिए। आज भी भारत का लोक सेवा प्रसारक दूरदर्शन, DDNews, DDKisan, DDBharati, DDNational और DDRetro इतने चैनल्स के द्वारा निरंतर हम सबसे जुड़ा है। Happy #Doordarshanday!"

दूरदर्शन आज यानी मंगलवार (15 सितंबर 2020) को अपनी 61वीं सालगिरह मना रहा है। उन ऐतिहासिक दिनों को याद करते हुए जब उस पर रामायण, महाभारत, चित्रहार, देख भाई देख, फौजी, मालगुडी डेज़ जैसे कई शानदार कार्यक्रम आते थे। आज भी वह कार्यक्रम आम लोगों के लिए किसी ‘क्लासिक’ से कम नहीं हैं।

दूरदर्शन ने 61वीं सालगिरह पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, “Celebrating 61 Glorious Years of Doordarshan!!” वीडियो में दूरदर्शन की वही पुरानी परम्परागत ट्यून थी जिसे सुनते हुए पीढ़ियाँ बड़ी हुई हैं। इसके बाद वीडियो में दूरदर्शन का लोगो भी अपनी पुराने शैली में नज़र आता है।

इस मौके पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी ट्वीट करके बधाई दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “दूरदर्शन अपने जीवन का भाग है। रामायण, महाभारत से लेकर न जाने कितने अच्छे कार्यक्रम दूरदर्शन ने दिए। आज भी भारत का लोक सेवा प्रसारक दूरदर्शन, DDNews, DDKisan, DDBharati, DDNational और DDRetro इतने चैनल्स के द्वारा निरंतर हम सबसे जुड़ा है। Happy #Doordarshanday!”

इसके अलावा कर्नाटक भाजपा की उपाध्यक्ष शोभा करंदलाजे ने भी दूरदर्शन की 61वीं सालगिरह के मौके पर शुभकामनाएं दी। साथ ही दूरदर्शन की अभूतपूर्व सेवाओं के लिए आभार भी जताया। 

मशहूर अभिनेता स्वप्निल जोशी जिन्होंने दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाली उत्तर रामायण में कुश का किरदार निभाया था। उन्होंने भी दूरदर्शन के स्थापना दिवस के मौके पर ट्वीट करके बधाई दी। 

दूरदर्शन के ट्वीट करने के बाद नेटीजन्स ने भी दूरदर्शन से जुड़ी यादों का ज़िक्र किया। तमाम यूज़र्स ने ट्वीट करके अपनी भावनाएं साझा की, कैसे दूदर्शन ने उनके बचपन को एक नया आयाम दिया था। 

एक ट्विटर यूज़र ने लिखा, “इस संगीत में मासूमियत और बचपन के सपनों की खुशबू है। जब दुनिया एक ओएस्टर की तरह महसूस होती थी।” 

एक ट्विटर यूज़र ने लिखा कि दूरदर्शन सिर्फ एक चैनल ही नहीं था बल्कि हर भारतीय परिवार के सदस्य जैसा था। इसके बाद यूज़र ने दूरदर्शन पर आने वाली डॉक्यूमेंट्री, रविवार को आने वाले कार्यक्रम रंगोली और स्वतन्त्रता दिवस के दिन आने वाली परेड की भी प्रशंसा की। 

वहीं एक और ट्विटर यूज़र ने लोगों की धारणा बदलने में अहम भूमिका निभाने के लिए दूदर्शन का आभार जताया। 

एक ट्विटर यूज़र ने कहा दूरदर्शन एक ऐसी भावना है जो एकता का आभास कराती है। 

15 सितंबर 1959 को दूरदर्शन एक प्रयोग की तरह शुरू किया गया था। साल 1965 के दौरान इसे सेवा में तब्दील कर दिया गया। तभी यह सिग्नल के माध्यम से राजधानी दिल्ली के आस-पास लोगों के टेलीवीज़न सेट तक पहुँचा। 1972 के दौरान इन सेवाओं का दायरा बढ़ा कर मुंबई और अमृतसर तक कर दिया गया था। फिर 1975 के दौरान इसकी सेवाएं देश के अन्य शहरों तक भी पहुँची।    

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ऋषिकेश AIIMS में भर्ती अपनी माँ से मिलने पहुँचे CM योगी आदित्यनाथ, रुद्रप्रयाग हादसे के पीड़ितों को भी नहीं भूले

उत्तराखंड के ऋषिकेश से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यमकेश्वर प्रखंड का पंचूर गाँव में ही योगी आदित्यनाथ का जन्म हुआ था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -