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पुलिस स्टेशन में 8 घंटे तक हुई अनुराग कश्यप की ‘रगड़ाई’, रेप के आरोपों का किया खंडन, जाँच के लिए फिर बुला सकती है पुलिस

अनुराग कश्यप के खिलाफ पायल घोष ने गत 22 सितंबर को वर्सोवा पुलिस के पास एफआईआर दर्ज की, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने 2013 में उसके साथ बलात्कार किया था। कश्यप ने अपने सभी आरोपों से इनकार किया है।

फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप से मुंबई पुलिस द्वारा अभिनेत्री पायल घोष द्वारा लगाए गए आरोपों के सम्बन्ध में आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। पुलिस द्वारा बुलाए जाने के बाद कश्यप सुबह 11 बजे अपने दो सहयोगियों और अपने वकील के साथ वर्सोवा पुलिस स्टेशन पहुँचे। अनुराग कश्यप बुलाए गए समय से पहले ही कागजों के ढेर के साथ उपस्थित हो गए थे।

‘मिड-डे’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, अनुराग कश्यप ने एक विस्तृत बयान दिया और एफआईआर में उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया। मुंबई पुलिस अब उनके लंबे बयानों को सत्यापित करने के लिए तैयारी कर रही है। प्राथमिकी में कश्यप के बयान में अगर कोई विसंगतियाँ पाई जाती हैं, तो कश्यप को फिर से बुलाया जाएगा।

अनुराग कश्यप शाम 6 बजे पुलिस स्टेशन से चले गए थे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अनुराग कश्यप के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के बाद अभिनेत्री पायल घोष ने अपना मेडिकल परीक्षण करवाया।

अनुराग कश्यप के खिलाफ पायल घोष ने गत 22 सितंबर को वर्सोवा पुलिस के पास एफआईआर दर्ज की, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने 2013 में उसके साथ बलात्कार किया था। कश्यप ने अपने सभी आरोपों से इनकार किया है। घोष और केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कश्यप के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल बी एस कोश्यारी से मुलाकात की थी।

वहीं, अनुराग कश्यप ने अपने वकील प्रियंका खिमानी के माध्यम से एक बयान जारी कर कहा था कि आरोप पूरी तरह से झूठे और दुर्भावनापूर्ण हैं। इस बयान के अनुसार, “मेरे मुवक्किल, अनुराग कश्यप पर लगे यौन दुराचार के झूठे आरोपों से उन्हें गहरा दुख हुआ है, जो हाल ही में उनके खिलाफ सामने आए हैं। ये आरोप पूरी तरह से झूठे, निंदनीय और गलत हैं। यह दुखद है कि #MeToo आंदोलन जितना महत्वपूर्ण है, उसे निहित स्वार्थों के लिए चुना गया है और चरित्र हनन का एक उपकरण मात्र बना दिया गया है।”

कागज के ढेर के साथ उपस्थित हुए अनुराग कश्यप

बृहस्पतिवार (अक्टूबर 01, 2020) सुबह थाने पहुँचने के दौरान अनुराग कश्यप के हाथ में कागजों का बंडल नजर आया। इस बंडल के साथ वह पुलिस थाने में घुस रहे थे। फिल्म निर्माता की हालिया तस्वीरें सामने आने के बाद ट्विटर पर एक पुरानी बहस छिड़ गई। यह बहस ‘कागज नहीं दिखाने’ को लेकर थी।

दरअसल, जिस समय सीएए के विरोध में प्रदर्शन हो रहे थे और प्रदर्शनकारी ‘कागज नहीं दिखाएँगे’ जैसे नारे लगा रहे थे, उस समय अनुराग बॉलीवुड की उन शख्सियतों में से थे जो सोशल मीडिया पर जोर-शोर से इसका समर्थन कर रहे थे और ज्यादातर ट्वीट के जवाब में लिखते थे, ‘कागज नहीं दिखाएँ।’

अब सोशल मीडिया यूजर्स उनके ऐसे ही ट्वीट को उनकी हालिया तस्वीर के साथ शेयर करके मजाक उड़ा रहे हैं। कोई पूछ रहा है कि अनुराग ने जब अपने सारे डॉक्यूमेंट्स जला दिए थे तो कागज कहाँ से आए। कोई कह रहा है कि अभी तो एनआरसी भी नहीं आई, अभी से क्यों कागज निकाल लिए। इसके अलावा कोई अनुराग के हाथों में बंडल देखकर उसे फिल्म की स्क्रिप्ट बता रहा है तो कोई उन्हें ही झूठा बता रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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