Saturday, July 31, 2021
Homeविविध विषयमनोरंजनसपा नेता कंगना को समझा रहे थे बॉलीवुड का मतलब, धाकड़ 'झाँसी की रानी'...

सपा नेता कंगना को समझा रहे थे बॉलीवुड का मतलब, धाकड़ ‘झाँसी की रानी’ ने लगाई धोबी-पछाड़

"इंडस्ट्री सिर्फ़ करण जौहर/उसके पापा ने नहीं बनाई, दादा साहेब फाल्के से लेकर हर कलाकार और मज़दूर ने बनाई है, उस फ़ौजी ने जिसने सीमाओं को बचाया, उस नेता ने जिसने संविधान की रक्षा की है, उस नागरिक ने जिसने टिकट ख़रीदा और दर्शक का किरदार निभाया, इंडस्ट्री करोड़ों भारतवासियों ने बनाई है।"

बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर निर्देशक करण जौहर के खिलाफ़ खुल कर अपनी राय रखने वाली कंगना रनौत ने एक बार फिर उन्हें लेकर अपना बयान दिया है। हालाँकि, इस बार उनके निशाने पर प्रत्यक्ष रूप से करण न होकर बल्कि एक सपा नेता थे, जिन्होंने अभिनेत्री पर कुछ सवाल उठाए। और, जवाब में कंगना ने कहा कि इंडस्ट्री सिर्फ करण जौहर की या उनके पिता की नहीं है। कंगना ने यह बात सपा नेता मनीष जगन अग्रवाल के ट्वीट पर लिखी। उन्होंने कंगना पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि वह सभी के संघर्षों को गाली देकर, तुच्छ बताकर आगे बढ़ना चाहती हैं।

उन्होंने लिखा था, “कंगना जी आप सबके संघर्षों को गाली देकर, तुच्छ बताकर, सबके ऊपर निशाना साधकर आगे बढ़ना चाहती हैं? करण जौहर हों या अन्य फ़िल्म निर्माता सभी लोगों की सामूहिक मेहनत से ये भारतीय फिल्म इंडस्ट्री खड़ी हुई है, कोई भी इंडस्ट्री आपकी तरह सबको गाली देकर 1-2 दिन में खड़ी नहीं हो जाती।”

समाजवादी नेता के इसी ट्वीट में कंगना ने लिखा, “इंडस्ट्री सिर्फ़ करण जौहर/उसके पापा ने नहीं बनाई, दादा साहेब फाल्के से लेकर हर कलाकार और मज़दूर ने बनाई है, उस फ़ौजी ने जिसने सीमाओं को बचाया, उस नेता ने जिसने संविधान की रक्षा की है, उस नागरिक ने जिसने टिकट ख़रीदा और दर्शक का किरदार निभाया, इंडस्ट्री करोड़ों भारतवासियों ने बनाई है।”

इसके बाद मनीष जगन अग्रवाल ने लिखा, “लकड़ी की काठी पर बैठकर आप तो स्वयं को ही झाँसी की रानी समझने लगीं? झाँसी की रानी बलिदान देकर महान हुई थीं, जनता पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ खड़ी हुई थीं, आपने कितने पैदल चलते मजदूरों को भोजन कराया? कितनों की मदद की? तमाशा बनाना आपका पुराना शौक है।”

यहाँ बता दें कि सपा नेता के इस ट्वीट पर अभी तक कंगना का रिप्लाई नहीं आया है। मगर, उनके समर्थक मनीष जगन को जवाब दे रहे हैं। यूजर्स का कहना है, “लड़कों से गलती हो जाती है वाले आज लकड़ी की काठी पर ज्ञान दे रहे है। थोड़ा पढ़ाई लिखाई करिए फिर ज्ञान पेलियेगा। नहीं समझे वो क्या कहावत थी ना… ना बाजे घना। आपके लिए है। और अभी कोई चुनाव हुए था ना जिसमें SP को सिर्फ 16 सीट मिली थी वो आपका रिपोर्ट कार्ड था समझे।

ऐसे ही एक अन्य यूजर सपा नेता के ट्वीट के जवाब में लिखता है, “हर हिन्दू महिला झाँसी की रानी ही है और कंगना जी ने अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई उसी के वजह से ये सब हो रहा है। तेरे जैसे चमचे नहीं समझेंगे।”

अब रही बात करण और कंगना के बीच आपसी विवाद की। तो बता दें कि कंगना ने भले ही बॉलीवुड माफिया पर सुशांत सिंह की मौत के बाद मुखर होकर बोलना शुरू किया हो। मगर, नेपोटिज्म को लेकर और उसमें करण जौहर की भूमिका को लेकर अभिनेत्री शुरूआत से ही सवाल उठाती रही हैं। बेबाक कंगना ने कई बार करण जौहर को उनके सामने भी नेपोटिज्म आदि पर घेरा है। फिर चाहे बात कॉफी विथ करण शो की हो या कपिल शर्मा शो की।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पेगासस: ‘खोजी’ पत्रकारिता का भ्रमजाल, जबरन बयानबाजी और ‘टाइमिंग’- देश के खिलाफ हर मसाले का प्रयोग

दुनिया भर में कुल जमा 23 स्मार्टफोन में 'संभावित निगरानी' को लेकर ऐसा बड़ा हल्ला मचा दिया गया है, मानो 50 देशों की सरकारें पेगासस के ज़रिए बड़े पैमाने पर अपने नागरिकों की साइबर जासूसी में लगी हों।

पिता ने उधार लेकर करवाई हॉकी की ट्रेनिंग, निधन के बाद अंतिम दर्शन भी छोड़ा: अब ओलंपिक में इतिहास रच दी श्रद्धांजलि

वंदना कटारिया के पिता का सपना था कि भारतीय महिला हॉकी टीम ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीते। बचपन में पिता ने उधार लेकर उन्हें हॉकी की ट्रेनिंग दिलवाई थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,211FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe