Tuesday, July 23, 2024
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‘मर्द पॉलीथिन की तरह’: ट्विंकल खन्ना के ‘फेमिनिज्म’ को कंगना रनौत की लताड़, बोलीं – थाली में मिला करियर फिर भी कुछ नहीं कर पाई

कंगना ने ट्विंकल की वीडियो की क्लिप को अपने इंस्टा पर शेयर किया और सुनाते हुए कहा, "आखिर ये विशेषाधिकार प्राप्त लोग क्या हैं, जो अपने पतियों को पॉलिथीन बैग कहते हैं। क्या ये कूल दिखने की कोशिश कर रहे हैं?"

अक्सर अपनी बेबाकी के कारण मीडिया पर चर्चा में रहने वाली बॉलीवुड कंगना रनौत ने इस बार ट्विंकल खन्ना को आड़े हाथों लिया है। कंगना ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर ट्विंकल के पुराने वीडियो साझा किए हैं जिसमें वह नारीवाद पर बात करते हुए कहती हैं कि उन्हें नहीं लगता कि पुरुषों का कोई इस्तेमाल है। ये बिलकुल ऐसा है जैसे आपके पास हैंडबैग या प्लास्टिक बैग है। आप उसमें अपनी चीजें रख रहे हो।

कंगना ने अब ट्विंकल को उनके इस बयान पर खूब सुनाया है। कंगना ने ट्विंकल खन्ना को नेपो किड बताते हुए उनको इस वीडियो पर जवाब दिया। कंगना ने पुरानी ट्विंकल की पुरानी वीडियो की क्लिप को शेयर करते हुए लिखा,

“आखिर ये विशेषाधिकार प्राप्त लोग क्या हैं, जो अपने पतियों को पॉलीथिन बैग कहते हैं। क्या ये कूल दिखने की कोशिश कर रहे हैं? चांदी की चम्मच के साथ पैदा हुए नेपो किड्स को सोने की थाली में फिल्मी करियर दिया गया, लेकिन वो इसके साथ न्याय नहीं कर सके। कम से कम वो मातृत्व की निस्वार्थता में ही कुछ खुशी और पूर्णता तलाश लेते। लेकिन यह भी उनके लिए एक अभिशाप की तरह है। वो सच में क्या बनना चाहते हैं? सब्जियाँ? क्या यह फेमिनिज्म है?”

फोटो साभार: कंगना का इंस्टा अकॉउंट

बता दें कि ट्विंटल खन्ना की यह वीडियो पुरानी है। उन्होंने एल्जेब्रा कन्वर्सेशन से बात करते हुए कहा था कि उनका शादी को लेकर अलग मानना है। लोगों को लगता है कि शादी में दो लोगों को एक तरह से एक दिशा में साथ-साथ रहना होगा। उनकी कहती हैं कि अगर यही सब है तो महिलाओं को फिर वोट देने का अधिकार ही क्यों है।

इसी बातचीत में उनसे सवाल हुआ कि जब वो कहती हैं कि वो नारीवादी हैं तब इससे उनका क्या मतलब होता है। इस पर ट्विंकल ने कहा था कि उन्होंने ये चीज अपनी माँ से सीखी है कि आपको पुरुषों की जरूरत नहीं है।

ट्विंकल ने कहा था,

“मैंने कभी भी फेमिनिज्म या बराबरी या फिर किसी भी चीज के बारे में कभी नहीं बोला। लेकिन यह बिल्कुल क्लियर था कि किसी पुरुष की कोई आवश्यकता नहीं थी। एक पुरुष का होना बहुत अच्छा होगा, जैसे आपके पास एक अच्छा हैंडबैग है। पर, अगर आपके पास एक प्लास्टिक बैग भी हो तो भी यह चलेगा। ये सिर्फ ऐसा है कि आप अपनी चीजें उसमें डालते रहते हैं। इसलिए मैं उस धारणा के साथ बड़ी हुई और लंबे समय तक मुझे लगा कि पुरुषों का कोई खास उपयोग नहीं है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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