Homeविविध विषयमनोरंजनमुंबई फ़िल्म सिटी से बैन हुए पाकिस्तानी कलाकार और सिद्धू

मुंबई फ़िल्म सिटी से बैन हुए पाकिस्तानी कलाकार और सिद्धू

नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पाकिस्तान की पैरवी करने के बाद उनका सोशल मीडिया से लेकर राजनैतिक गलियारे तक, हर जगह विरोध किया गया। लोगों ने सोनी चैनल का बायकॉट करने की धमकी दी, जिसके बाद चैनल से सिद्धू को शो से बाहर निकाल दिया।

मुंबई फ़िल्म सिटी में शूटिंग करने से पाकिस्तानी कलाकारों को बैन करने का निर्णय लिया गया है। पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान का बचाव करने वाले सिद्धू ‘द कपिल शर्मा शो’ से पहले ही निकाले जा चुके हैं। अब मुंबई फ़िल्म सिटी में भी उनकी एंट्री प्रतिबंधित कर दी गई है। यह निर्णय फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने इम्पलोयी (FWICE) द्वारा लिया गया।

फेडरेशन ने गोरेगाँव के दादा साहब फाल्के फ़िल्म सिटी के प्रबंधक को लिखे गए पत्र में कहा कि वह अपने स्टूडियो में नवजोत सिंह सिद्धू और पाकिस्तानी कलाकारों एवं गायकों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाएँ और उन्हें वहाँ किसी भी प्रकार की शूटिंग करने की अनुमति न दें। बता दें कि यह एक बड़ा संगठन है जिसके अंतर्गत कुल 29 यूनियन हैं। इन यूनियन के सदस्यों की सँख्या लाखों में है।

सिद्धू द्वारा पाकिस्तान की पैरवी करने के बाद उनका सोशल मीडिया से लेकर राजनैतिक गलियारे तक, हर जगह विरोध किया गया। लोगों ने सोनी चैनल का बायकॉट करने की धमकी दी, जिसके बाद चैनल से सिद्धू को शो से बाहर निकाल दिया।

FWICE के अलावा फ़िल्म डिविजन बोर्ड ने भी पाकिस्तानी कलाकारों को बैन करने का निर्णय लिया है। फ़िल्म सिटी और फ़िल्म बोर्ड के उपाध्यक्ष और राज्यमंत्री अमरजीत मिश्रा ने पाकिस्तानी कलाकारों को भारतीय फ़िल्मों में लेने पर कड़ी आपत्ति जताई। साथ ही, उन्होंने सभी फ़िल्म निर्माताओं और निर्देशकों को पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम ना करने की सलाह दी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

वामपंथियों से कांग्रेस का पुराना ‘लप्रेक’: अपनों को किनारे कर लेफ्ट के पीछे भागने की आदत क्यों नहीं छूटती?

NSUI को छोड़कर AISA के चेहरों को मंच देना कोई इत्तेफ़ाक नहीं है। सरदार पटेल से लेकर हिमंत बिस्वा सरमा तक... कांग्रेस ने हमेशा अपने मजबूत नेताओं को किनारे कर वामपंथियों को गले क्यों लगाया?

मुफ्त इलाज का ढकोसला और महँगे मेडिकल बिल: कहाँ खर्च हो रहा है आम आदमी का पैसा?

सरकार ने उन दवाओं को इस प्राइस कंट्रोल से बाहर रखा है जिन्हें कंपनियाँ 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (PAPs) के तहत भारी छूट पर देती हैं।
- विज्ञापन -