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मस्जिद की ‘पवित्रता’ भंग… क्योंकि हुई गाने की शूटिंग: अभिनेत्री सबा कमर के खिलाफ FIR, चलेगा ईशनिंदा का मुकदमा

अभिनेत्री सबा कमर और गायक बिलाल सईद सहित कई लोगों के खिलाफ मस्जिद की 'पवित्रता भंग करने' का आरोप लगा है। इन दोनों ने मस्जिद के भीतर म्यूजिक वीडियो की शूटिंग की थी। कोर्ट ने पुलिस को क़ानून के हिसाब से कार्रवाई करने का आदेश भी दे दिया है।

पाकिस्तान में एक अभिनेत्री पर सिर्फ इसीलिए ईशनिंदा का मुकदमा दायर कर दिया गया क्योंकि उसने मस्जिद में एक वीडियो की शूटिंग की थी। अभिनेत्री सबा कमर और गायक बिलाल सईद सहित कई लोगों के खिलाफ लाहौर का वज़ीर खान मस्जिद की ‘पवित्रता भंग करने’ का आरोप लगाया गया है। इन दोनों ने मस्जिद के भीतर म्यूजिक वीडियो की शूटिंग की थी। कोर्ट ने पुलिस को क़ानून के हिसाब से कार्रवाई करने का आदेश भी दे दिया है।

उक्त मस्जिद को पाकिस्तान का एक ऐतिहासिक स्थल माना जाता है और वहाँ गाने की शूटिंग के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। अधिवक्ता सरदार फरहत मंजूर खान ने सबा कमर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिस पर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट सेशन जज अतिकुर रहमान ने गुरुवार (अगस्त 13, 2020) को सुनवाई की। लाहौर में मस्जिद की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताने के लिए लोगों ने सबा कमर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया।

वकील ने अपनी याचिका में कहा था कि न सिर्फ अभिनेत्री सबा कमर और गायक बिलाल सईद, बल्कि प्रोडक्शन कम्पनी की पूरी टीम के साथ-साथ ‘पंजाब ऑक्फ’ व मजहबी मामलों के विभाग के खिलाफ भी केस दर्ज करने का आदेश दिया जाए। अकबरी गेट पुलिस स्टेशन में पाकिस्तान पैनल कोड के धारा-295 (मजहब सम्बन्धी अपराध) के तहत किसी मजहबी स्थल को नुकसान पहुँचाने और उसे अशुद्ध करने का आरोप लगाया गया।

जबकि पाकिस्तान स्थित पंजाब प्रान्त के स्थानीय प्रशासन का कहना है कि 30,000 रुपए के पेमेंट के बाद उन्हें मस्जिद में शूटिंग की अनुमति दी गई थी। अब वहाँ के मुख्यमंत्री उस्मान बुज़दार ने भी इस मामले में जाँच का आदेश दिया है। वहीं सबा कमर ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि मस्जिद में निकाह का दृश्य शूट किया गया, जिसमें कोई म्यूजिक नहीं दिया गया है। साथ ही उसमें एडिट कर के भी म्यूजिक ट्रैक नहीं डाला गया।

अभिनेत्री ने ‘कबूल’ गाने को लेकर सफाई देते हुए कहा कि अगर अनजाने में ही उन्होंने कोई गलती की है या लोगों की भावनाओं को आहत किया हो तो वो माफ़ी माँगती हैं। उन्होंने कहा कि इस गाने के जो पोस्टर हैं, उसमें दिखाया गया है कि मस्जिद में निकाह के बाद किस तरह से एक जोड़ा ख़ुशी-ख़ुशी अपनी ज़िंदगी जी रहा है। बता दें कि ये गाना 11 अगस्त को रिलीज हुआ था, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ।

वहीं गायक बिलाल सईद को भी माफ़ी माँगनी पड़ी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जो भी हुआ, उससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँची है। उन्होंने कहा कि वो लोग इस्लाम को मानने वाले हैं और इसीलिए एक अच्छे नागरिक हैं, जो किसी भी मजहब का अपमान नहीं कर सकते। वहीं उधर मस्जिद के मैनेजर को सस्पेंड कर दिया गया है। पंजाब के मंत्री ने कहा है कि दोषी कितने भी बड़े पद पर बैठे हों, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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