Friday, March 1, 2024
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संदिग्ध महिला के खिलाफ FIR दायर करना नारीवाद के खिलाफ नहीं: सुशांत के जीजा ने थेरेपिस्ट के साथ इंटरव्यू पर लताड़ा

थेरेपिस्ट के साथ बरखा दत्त के साक्षात्कार के बाद विशाल कीर्ति ने एनडीटीवी के पूर्व न्यूज एंकर बरखा दत्त को लताड़ लगाते हुए कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाने का अवसर नहीं है।

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के जीजा विशाल कीर्ति ने रविवार (अगस्ता 2, 2020) को YouTube पत्रकार बरखा दत्त को उनकी असंवेदनशीलता और रिपोर्टिंग में नैतिकता को दरकिनार करने को लेकर लताड़ लगाई।

कथित तौर पर सुशांत के थेरेपिस्ट सुसैन वॉकर मोफत ने विवादित पत्रकार बरखा दत्त को दिए इंटरव्यू में अभिनेता के मेडिकल रिकॉर्ड की गोपनीयता को नजरअंदाज करते हुए दावा किया कि उन्हें बाइपोलर डिसऑर्डर (bipolar disorder) था।

थेरेपिस्ट के साथ बरखा दत्त के साक्षात्कार के बाद विशाल कीर्ति ने एनडीटीवी के पूर्व न्यूज एंकर बरखा दत्त को लताड़ लगाते हुए कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाने का अवसर नहीं है।

विशाल कीर्ति ने कहा कि उनका व्यक्तिगत रूप से मानना है कि शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर भी “विशेष” धब्बा नहीं होना चाहिए, मानसिक स्वास्थ्य भी जीव विज्ञान और पर्यावरण का एक परिणाम है।

कीर्ति ने यह भी कहा कि “विशेष” का स्पष्ट रूप से उल्लेख करने का उनका कारण यह है कि स्वास्थ्य के मुद्दों से धब्बा को पूरी तरह से समाप्त करना लगभग असंभव है।

विशाल कीर्ति ने कहा, “हालाँकि, आज धब्बा की एक बड़ी मात्रा है, मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी कानून द्वारा संरक्षित है। एक मनोचिकित्सक / मनोवैज्ञानिक द्वारा मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी का खुलासा करना न केवल अनैतिक है, बल्कि अवैध भी है (कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर जो यहाँ लागू नहीं होते हैं)।”

विशाल ने खुद को ‘नारीवादी’ बताते हुए कहा कि वो भी महिलाओं के मुद्दों की परवाह करते हैं, लेकिन रिया के खिलाफ FIR को ‘महिलाओं से घृणा करने वाला’ बताना गलत है।

कीर्ति ने लिखा, “मेरा पहला मुद्दा यह है कि महिलाओं के मुद्दों के बारे में परवाह करना एक संदिग्ध महिला के खिलाफ आपराधिक आरोप दायर करने के साथ असंगत नहीं है।”

विशाल ने सुसैन पर सवाल उठाया कि वह दो महीने से भी कम वक्त में मूल्यांकन कैसे करते हैं। उन्होंने कहा, “मानसिक बीमारी का इलाज करना एक कठिन काम है और किसी के लिए बायपोलर (I या II) बीमारी का ईलाज करना और भी कठिन है। न केवल आपको व्यक्ति को बहुत बारीकी से निरीक्षण करना है, बल्कि आपको उन्हें लंबे समय तक भी देखना होगा (लक्षणों की शुरुआत के बाद पूरी तरह ठीक करने में औसतन छह साल लगते हैं)। सुसैन बहुत आसानी से दो महीने से भी कम समय में (शायद कुछ मीटिंग में) सुशांत का इलाज का दावा करती है, जिसमें जीवन-परिवर्तन होता है।”

सुशांत सिंह राजपूत की मौत में रिया चक्रवर्ती की भूमिका पर संदेह जताते हुए, कीर्ति ने एफआईआर पर ध्यान दिलाया जिसमें कहा गया था कि कैसे सुशांत को रिया द्वारा ड्रग दिया गया था, जिसे अवैध बताया गया।

इसके अलावा, कीर्ति को संदेह है कि सुशांत सिंह राजपूत को देखभाल के बहाने मनोचिकित्सक के पास ले जाया गया। उन्होंने रिया द्वारा थेरिपिस्ट नियुक्त किए जाने के तरीके पर भी आश्चर्य व्यक्त किया, जो हर सेशन में उनके साथ होती थी। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि रिया उस मनोचिकित्सक के साथ सुशांत की बाचतीत पर नजर रखने का संकेत भी हो सकता है।

उन्होंने रिया पर यह भी आरोप लगाया कि वह उनके मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी रखने के लिए ऐसा करती हों, ताकि बाद में इसका इस्तेमाल ब्लैकमेल करने के लिए किया जा सके या अपने संसाधनों से उन्हें आसानी से कंट्रोल किया जा सके।

गौरतलब है कि बरखा दत्त ने 1 अगस्त के दिन सुशांत सिंह राजपूत की तथाकथित थेरेपिस्ट सुसैन वॉकर मोफत के साक्षात्कार का एक वीडियो साझा किया था। जिस पर नेटिज़न्स ने गंभीर सवाल खड़े किए। वॉकर जो खुद एक मनोवैज्ञानिक, साइकोथेरेपिस्ट और हिपनोथेरेपिस्ट हैं। उन्होंने ऐसा दावा किया था कि सुशांत को बाईपोलर डिसऑर्डर था। जिसके बाद उन पर सुशांत सिंह से जुड़ी इस तरह की जानकारी साझा करने के लिए काफी सवाल उठाए गए थे। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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