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AC स्टूडियो में बैठ The Kashmir Files को नहीं समझ पाएँगे: रवीश कुमार, नसीरुद्दीन सबको लताड़ा पीयूष मिश्रा ने

"इन लोगों ने देखा नहीं है कश्मीर। ये लोग कश्मीर जानते नहीं हैं, ये कभी गए नहीं हैं कश्मीर। मैंने पहले भी पढ़ा था नसीरुद्दीन शाह ने बोला था, रवीश कुमार ने बोला था कि ये एक झूठी और प्रोपेगेंडा फिल्म है। मेरे पास आएँ, मैं दिखाता हूँ आपको डॉक्यूमेंट्री, जो कश्मीरी पंडितों के जीवन पर बनाई गई हैं।"

‘द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files)’ को लेकर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के जूरी हेड नादव लैपिड (Nadav Lapid) ने विवादित टिप्पणी की। इसी मामले पर बॉलीवुड अभिनेता पीयूष मिश्रा (Piyush Mishra) ने फिल्म की तारीफ करते हुए उन्हें लताड़ा। साथ-ही-साथ इसे प्रोपेगेंडा बताने वाले नसीरुद्दीन शाह और रवीश कुमार की भी अच्छे से क्लास लगाई।

पीयूष मिश्रा ने ‘द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files)’ पर बोलते हुए कहा:

“इन लोगों ने देखा नहीं है कश्मीर। ये लोग कश्मीर जानते नहीं हैं, ये कभी गए नहीं हैं कश्मीर। मैंने पहले भी पढ़ा था नसीरुद्दीन शाह ने बोला था, रवीश कुमार ने बोला था कि ये एक झूठी और प्रोपेगेंडा फिल्म है। मेरे पास आएँ, मैं दिखाता हूँ आपको डॉक्यूमेंट्री, जो कश्मीरी पंडितों के जीवन पर बनाई गई हैं। उसमें एक-एक डायलॉग और घटना मैच करती हैं, जो उन्होंने खुद कहा है कैमरा पर।”

अपनी बात जारी रखते हुए पीयूष मिश्रा ने कहा कि AC स्टूडियो में बैठ कर, पेरी क्रॉस रोड बांद्रा में बैठ कर हिंदुस्तान का आकलन नहीं होता। उनके अनुसार हिंदुस्तान का आकलन तब होता है, जब इंसान बाहर निकलता है, जिंदगी देखनी पड़ती है और धूप में चलना पड़ता है। पीयूष मिश्रा ने कहा कि जो ऐसा करेगा, उसे ही ऐसी फिल्म पसंद आएगी।

पीयूष मिश्रा से पहले बुधवार (30 नवंबर 2022) को अनुपम खेर ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया था। इसमें उन्होंने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को प्रोपेगेंडा फिल्म बताने वालों को लेकर कहा था कि लोगों को सच जैसा है, उसे वैसा देखने और दिखाने की आदत नहीं होती। उनके अनुसार ऐसे लोग अपनी मनपसंद खुशबू, अपना मनपसंद जायका, अपने मनपसंद रंग लेप कर, सजा कर देखने-दिखाने के आदी होते हैं। अनुपम खेर ने कहा था:

“उन्हें कश्मीर का सच पच नहीं रहा है। वे चाहते हैं कि उसे किसी रंगीन और खुशनुमा चश्मे से देखा और दिखाया जाए। पिछले 25-30 साल से वे यही करते आए हैं। आज जब ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने सच को जैसा है वैसा दिखाकर पेश किया, तो उन्हें तकलीफ हो रही है।”

कट्टरपंथी इस्लामी आतंक के कारण कश्मीरी हिंदुओं ने जो सालों-साल झेला है, उस पर अनुपम खेर ने यह भी कहा था कि जो इस भयावह सच को नहीं देख पाते हैं, वो अपना मुँह सिल लीजिए और आँखें बंद कर लीजिए। लेकिन, उसका मजाक उड़ाना बंद करिए। उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया था कि उनके जैसे कई लोग इस सच के भुक्तभोगी हैं।

गौरतलब है कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ 1990 में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार और उनके पलायन पर आधारित फिल्म है। यह फिल्म 11 मार्च, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज की गई थी। फिल्म में अनुपम खेर, मिथुन चक्रबर्ती, दर्शन कुमार, पल्लवी जोशी मुख्य किरदार में हैं।

‘द कश्मीर फाइल्स’ की रिलीज के वक्त भी कट्टरपंथी-वामपंथी समूह इस फिल्म से नाराज थे। एनडीटीवी ने तो इस फिल्म की रिलीज से पहले इसे प्रोपेगेंडा फिल्म बता दिया था। लेकिन विरोध के बाद उन्हें अपनी रिपोर्ट से प्रोपेगेंडा शब्द हटाना पड़ा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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