Sunday, January 24, 2021
Home विविध विषय मनोरंजन बेटी हुई तो भी छोड़ा, बेटा के बाद भी छोड़ा... फिर तलाक भी फाइल...

बेटी हुई तो भी छोड़ा, बेटा के बाद भी छोड़ा… फिर तलाक भी फाइल किया: वाजिद खान की पारसी बीवी का दर्द

मुस्लिम रीति-रिवाजों से निकाह न होने के कारण मेरे बच्चों को नाजायज बताया गया। वाजिद ने बच्चों के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए भी कभी हॉस्पिटल तक विजिट नहीं किया। अब उसके घर वाले मेरे बच्चों से उनकी संपत्ति छीन कर...

मशहूर संगीतकार वाजिद खान की पत्नी का पोस्ट सोशल मीडिया पर नजर आने के बाद धर्मांतरण के मुद्दे ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में कई बातों का खुलासा किया। अपने शुरुआती रिश्ते की बातें बताते हुए कमलरुख ने कॉलेज दिनों को याद किया और बताया कि जब उन्होंने शादी करने का फैसला किया, उस समय मजहब परिवर्तन की बात उठी थी।

कमलरुख के मुताबिक, वाजिद एक ऐसे परिवार से आते थे, जिनका मानना था कि यदि कमलरुख को उनके परिवार में शादी करनी है, तो धर्मांतरण जरूरी होगा। हालाँकि वह इस बात से नाखुश थीं और वाजिद को ये सब चीजें अपनी शादी में बाधा लग रही थी।

साक्षात्कार के मुताबिक, दोनों ने इस मसले को सुलझाने के लिए एक माह का समय लिया और बाद में वाजिद खान ने कमलरुख की इच्छा का सम्मान करते हुए उन्हें बिना धर्म परिवर्तन के स्वीकार लिया। मगर, बाद में मजहब ने प्रेम को खत्म कर दिया।

वाजिद का परिवार खुश नहीं था। कई महीनों तक उन्होंने कमलरुख से बात भी कम की। लेकिन कुछ टाइम बाद धर्म परिवर्तन का दबाव बढ़ गया। खासकर बच्चों के जन्म के बाद ये प्रेशर कुछ ज्यादा हो गया। वाजिद की माँ उन पर दबाव बनाती। धीरे-धीरे यह सब अलग स्तर पर पहुँच गया और कमलरुख व वाजिद के रिश्तों में दरार पड़नी शुरू हो गई।

वाजिद खान की पत्नी के अनुसार, उनकी शादी के समय उनके परिवार की ओर से अड़ंगे बहुत कम थे। कमलरुख के परिवार के लोग तो दोनों मजहब की परंपराओं के हिसाब से शादी करने को तैयार थे लेकिन वाजिद के घर वालों ने इन सबसे साफ मना कर दिया। शादी के बाद चीजें और बदतर हुईं। कमलरुख कहती हैं:

“वाजिद दो हिस्सों में बँट गए थे और कन्फ्यूज हो गए थे। उनका परिवार उन पर और मुझ पर अपनी रूढ़िवादी सोच थोपता था। जब मैं नहीं सुनती थी तो मेरा एक प्रकार से बहिष्कार होता था। वह हमारे लिए एक अनुपस्थित पिता और पति बन गए थे।”

यहाँ याद दिला दें कि इन्हीं सब पीड़ा से गुजरते हुए कमलरुख ने अपने पोस्ट में धर्म परिवर्तन के खिलाफ बने कानून का समर्थन करते हुए कहा था, “मेरे बच्चे और मैं उन्हें बहुत याद करते हैं और हम चाहते हैं कि वह बिना धार्मिक पूर्वग्रहों के एक परिवार के रूप में हमारे लिए अधिक समय दें।”

उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि शादी का निर्णय लेने से पहले जब दोनों में धर्म परिवर्तन को लेकर बात हुई तो वाजिद के सामने उनकी ओर से आपत्ति जताई गई। इसके बाद उन्होंने स्पेशल मैरेज एक्ट के तहत शादी करने का निर्णय लिया। उनका मानना है, “अगर वाजिद के लिए मजहब इतना महत्वपूर्ण होता तो वह पारसी से शादी नहीं करते। वह मेरे खुले विचारों से अवगत थे और मेरी इच्छाओं का सम्मान करते थे, मगर बाद में उनकी माँ के दबाव के कारण वह परेशान रहने लगे।”

कमलरुख खान के अनुसार, मुस्लिम रीति रिवाजों से निकाह न होने के कारण उनके बच्चों को नाजायज बताया गया। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कोशिशें की गईं कि वह धर्म परिवर्तित कर लें। वाजिद के परिवार के लिए स्पेशल मैरेज एक्ट कुछ नहीं था। वह बताती हैं:

“मैंने बिना रोए, हल्ला मचाए कभी कोई पारसी त्योहार नहीं मनाया। उन्होंने मेरे पारसी परिवार के किसी फंक्शन आदि में आना बंद कर दिया था। उनकी माँ खुलेआम उनसे दोबारा शादी करने को कहती थी, जो जाहिर है उन्होंने नहीं सुना। उनके परिवार का रवैया मेरे प्रति अपमानजनक था।”

वह कहती हैं कि लगातार हस्तक्षेप और प्रभाव के कारण वाजिद के परिवार वालों ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि उनका पति कभी उनके पक्ष में खड़ा नहीं हुआ। इसके अलावा तलाक की धमकी देने जैसे हथकंडे भी आजमाए गए। लेकिन बाद में तलाक नहीं हुआ क्योंकि वाजिद को अपनी गलती का एहसास हो गया था।

कमलरुख के अनुसार, वाजिद की माँ के दबाव का असर उनके रिश्ते पर ऐसा पड़ा कि आर्शी (उनकी बेटी) जब ढाई-तीन साल की थी, तब वाजिद घर छोड़ गए और तीन साल बाद लौटे। इसके बाद उन्हें बेटा रेहान हुआ और दोबारा वही चीजें हावी हो गईं। नतीजन साल 2014 में दोबारा वाजिद उन्हें छोड़ कर गए और डिवोर्स फाइल कर दिया।

ये आना-जाना लगातार चलता रहा। बच्चों के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए वाजिद ने कभी हॉस्पिटल तक विजिट नहीं किया। हर काम कमलरुख अकेले संभालती रहीं। ऐसे में जब डिवोर्स फाइल हुआ तो उन्हें बहुत बुरा महसूस हुआ, मगर अपने बच्चों के लिए उन्होंने कभी कुछ नहीं कहा। 

वह कहती हैं,

“हम एक साथ यात्रा करते थे। खाना खाने जाते थे। मूवी देखते थे। बिलकुल एक आम परिवार की तरह। अपने जाने से एक-डेढ़ साल पहले, उन्होंने हमारे पास आकर हमें छोड़ कर जाने के लिए माफी माँगी थी। लेकिन उनमें अपनी माँ के ख़िलाफ़ जाने की हिम्मत नहीं थी और न ही हमारे पास लौटने की। ”

वह बताती हैं कि अंतिम समय में वाजिद लगातार उनके संपर्क में थे और लॉकडाउन के दौरान भी कई बार उनसे बात की थी। उनके अनुसार वाजिद के जाने के बाद उन्होंने इन सब पर इसलिए बात की है क्योंकि अब उन्हें उनके बच्चों की चिंता हैं। उनकी बेटी 16 साल की है और बेटा 9 साल का। वाजिद के घर वालों ने उनकी संपत्ति उनसे छीन ली है। अकेले कमलरुख को हर चीज के लिए भुगतान करना पड़ता है।

वो एक हिप्नोथेरेपिस्ट के रूप में काम करती हैं और कहती हैं, “हमारी कमाई का प्राथमिक स्रोत वाजिद का वैवाहिक समर्थन रहा है। अगर वह भी छीन लिया जा रहा है (उन लोगों द्वारा जो पिछले 7-8 वर्षों से मेरे या मेरे बच्चों के संपर्क में रहने के लिए परेशान नहीं हुए, वो भी ऐसे अनुचित आधारों पर) तो मुझे हर मोर्चे पर वापस लड़ने की जरूरत है।”

इसके अलावा कमलरुख के मुताबिक उन्होंने इसलिए भी बोलना जरूरी समझा क्योंकि वो नहीं चाहती थीं कि पिछले 17 सालों में उन्होंने जो झेला, वो किसी महिला को झेलना पड़े। वह कहती हैं,

“अगर मेरे बच्चों का अधिकार खतरे में हैं और मेरे सम्मान को कीचड़ में घसीटा जा रहा है, तो हमें बोलना होगा। कोई हमें इससे बाहर नहीं कर सकता। कानूनी लड़ाई चलेगी और लोगों को इसके बारे में पता होना चाहिए। अगर मेरी तरह एक शिक्षित, स्वतंत्र महिला सिर्फ इस वजह से गुजर सकती है कि उसने प्यार से शादी की और धर्मपरिवर्तन नहीं किया, तो ये बहुत सी दूसरी महिलाओं के साथ हो सकता है, जो कम सशक्त हैं।”

उनका कहना है कि उन्होंने ये सब इसलिए बताया क्योंकि वो उस पीड़ा को भी उजागर करना चाहती हैं, जिससे वह गुजरीं। उनके मुताबिक, उनका पोस्ट किसी धर्म के खिलाफ नहीं। हर धर्म एक समान होता है। लोग मामलों को बिगाड़ने के लिए विश्वास का इस्तेमाल करते हैं और वह इसी के खिलाफ हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

शिवपुरी बाबा की समाधि को पहले हरे रंग से पोता, पढ़ी नमाज और अब मस्जिद निर्माणः बीजेपी MLA के दखल पर रुका काम

"धर्मनगरी बिठूर में कुछ लोग मंदिर के स्थान पर मस्जिद बनाने का प्रयास कर रहे थे, स्थानीय पुलिस तक इसमें शामिल थी।"

₹118 करोड़ की अवैध संपत्ति, 4.5 Kg सोना मिला: ईसाई प्रचारक पॉल दिनाकरन के 25 ठिकानों पर पड़ा था छापा

तमिलनाडु के ईसाई प्रचारक और उसकी कई संस्थाओं के खिलाफ बड़ी रकम की धोखाधड़ी और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने व कर चोरी के कई आरोप हैं।

12 साल की लड़की का स्तन दबाया, महिला जज ने कहा – ‘नहीं है यौन शोषण’: बॉम्बे HC का मामला

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने शारीरिक संपर्क या ‘यौन शोषण के इरादे से किया गया शरीर से शरीर का स्पर्श’ (स्किन टू स्किन) के आधार पर...

‘दीदी पाठ करेंगी… जय श्री राम का विरोध नहीं करेंगी’: ममता बनर्जी को भेजी रामायण, 1 लाख रामनामी पोस्टकार्ड भी

पराक्रम दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने जय श्री राम के नारों को अपनी बेइज्जती करार देते हुए भाषण देने से इनकार कर दिया था।

चुनने की आजादी बेटियों का अधिकार, समानता की हकीकत को पुरुषों को स्वीकार करना होगा

24 जनवरी को 'राष्ट्रीय बालिका दिवस' (National Girl Child Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लड़कियों के सम्मान और महत्व को बढ़ावा देना है।

UP देश का पहला राज्य, IAF के लिए सड़क पर बना दी 3 एयर स्ट्रिप: पूर्वांचल Expressway पर भी उतरेंगे लड़ाकू विमान

उत्तर प्रदेश अब 3-3 एयरस्ट्रिप वाला देश का पहला राज्य। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भी एयरस्ट्रिप बनकर तैयार। यहाँ वायुसेना के विमानों की...

प्रचलित ख़बरें

नकाब हटा तो ‘शूटर’ ने खोले राज, बताया- किसान नेताओं ने टॉर्चर किया, फिर हत्या वाली बात कहवाई: देखें Video

"मेरी पिटाई की गई। मेरी पैंट उतार कर मुझे पीटा गया। उलटा लटका कर मारा गया। उन्होंने दबाव बनाया कि मुझे उनका कहा बोलना पड़ेगा। मैंने हामी भर दी।"

मदरसा सील करने पहुँची महिला तहसीलदार, काजी ने कहा- शहर का माहौल बिगड़ने में देर नहीं लगेगी, देखें वीडियो

महिला तहसीलदार बार-बार वहाँ मौजूद मुस्लिम लोगों को मामले में कलेक्टर से बात करने के लिए कह रही है। इसके बावजूद लोग उसकी बात को दरकिनार करते हुए उसे धमकाते हुए नजर आ रहे हैं।

मटन-चिकेन-मछली वाली थाली 1 घंटे में खाइए, FREE में ₹1.65 लाख की बुलेट ले जाइए: पुणे के होटल का शानदार ऑफर

पुणे के शिवराज होटल ने 'विन अ बुलेट बाइक' नामक प्रतियोगिता के जरिए निकाला ऑफर। 4 Kg की थाली को ख़त्म कीजिए और बुलेट बाइक घर लेकर जाइए।

‘नकाब के पीछे योगेंद्र यादव’: किसान नेताओं को ‘शूट करने’ आए नकाबपोश की कहानी में लोचा कई

किसान नेताओं ने एक नकाबपोश को मीडिया के सामने पेश किया, जिसने दावा किया कि उसे किसान नेताओं को गोली मारने के लिए रुपए मिले थे।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।
- विज्ञापन -

 

सरकारी कार्यक्रम में ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ तो ‘जय श्री राम’ से दिक्कत क्यों: Video शेयर कर ममता से BJP ने पूछा

बीजेपी ने ममता बनर्जी से सवाल किया है कि जब वे सरकारी कार्यक्रम में इस्लामिक इबादत कर सकती हैं, तो ‘जय श्री राम’ बोलने में दिक्कत क्यों होती है?

निकिता तोमर को गोली मारते कैमरे में कैद हुआ था तौसीफ, HC से कहा- मैं निर्दोष, यह ऑनर किलिंग

निकिता तोमर हत्याकांड के मुख्य आरोपित तौसीफ ने हाई कोर्ट से घटना की दोबारा जाँच की माँग की है। उसने कहा कि यह मामला ऑनर किलिंग का है।

शिवपुरी बाबा की समाधि को पहले हरे रंग से पोता, पढ़ी नमाज और अब मस्जिद निर्माणः बीजेपी MLA के दखल पर रुका काम

"धर्मनगरी बिठूर में कुछ लोग मंदिर के स्थान पर मस्जिद बनाने का प्रयास कर रहे थे, स्थानीय पुलिस तक इसमें शामिल थी।"

₹118 करोड़ की अवैध संपत्ति, 4.5 Kg सोना मिला: ईसाई प्रचारक पॉल दिनाकरन के 25 ठिकानों पर पड़ा था छापा

तमिलनाडु के ईसाई प्रचारक और उसकी कई संस्थाओं के खिलाफ बड़ी रकम की धोखाधड़ी और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने व कर चोरी के कई आरोप हैं।

12 साल की लड़की का स्तन दबाया, महिला जज ने कहा – ‘नहीं है यौन शोषण’: बॉम्बे HC का मामला

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने शारीरिक संपर्क या ‘यौन शोषण के इरादे से किया गया शरीर से शरीर का स्पर्श’ (स्किन टू स्किन) के आधार पर...

‘दीदी पाठ करेंगी… जय श्री राम का विरोध नहीं करेंगी’: ममता बनर्जी को भेजी रामायण, 1 लाख रामनामी पोस्टकार्ड भी

पराक्रम दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने जय श्री राम के नारों को अपनी बेइज्जती करार देते हुए भाषण देने से इनकार कर दिया था।

6 लोग (3 औरत+2 मर्द+1 नाबालिग) और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारेः खान मार्केट में हुई घटना की पड़ताल कर रही दिल्ली पुलिस

दिल्ली के खान मार्केट मेट्रो स्टेशन के पास 24 जनवरी की रात 1 बजे के करीब 6 लोगों ने कथित तौर पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए।

चुनने की आजादी बेटियों का अधिकार, समानता की हकीकत को पुरुषों को स्वीकार करना होगा

24 जनवरी को 'राष्ट्रीय बालिका दिवस' (National Girl Child Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लड़कियों के सम्मान और महत्व को बढ़ावा देना है।

UP देश का पहला राज्य, IAF के लिए सड़क पर बना दी 3 एयर स्ट्रिप: पूर्वांचल Expressway पर भी उतरेंगे लड़ाकू विमान

उत्तर प्रदेश अब 3-3 एयरस्ट्रिप वाला देश का पहला राज्य। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भी एयरस्ट्रिप बनकर तैयार। यहाँ वायुसेना के विमानों की...

राधे के मर्डर में सास साबिरा और साला जावेद गिरफ्तार: शौचालय में मिला था गला रेता शव, 6 महीने पहले शहनाज से की थी...

मृतक के साले और सास को सेक्टर-37 के पास से दबोचा गया। इनकी पहचान भाटिया मोड़ दौलतपुरा गाजियाबाद निवासी जावेद और साबिरा के रूप में हुई है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
385,000SubscribersSubscribe