Homeविविध विषयअन्य'वायु' से डरकर चीन की हवा टाइट, 10 समुद्री जहाजों ने ली भारत...

‘वायु’ से डरकर चीन की हवा टाइट, 10 समुद्री जहाजों ने ली भारत में शरण

अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान के और अधिक गंभीर रूप धारण करने की संभावना व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर की ओर बढ़ता ‘वायु’ 13 जून को सुबह गुजरात के तटीय इलाकों में पोरबंदर से महुवा, वेरावल और दीव क्षेत्र को प्रभावित करेगा।

चक्रवाती तूफान ‘वायु’ तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार तूफान ‘वायु’ 13 जून को तड़के वारावल, दीव क्षेत्र में पोरबंदर और महुआ के बीच गुजरात तट पर टकरा सकता है। वहीं, ‘वायु’ तूफान से बचने के लिए 10 चीनी जहाजों ने भारत में शरण ली है। इन्हें रत्नागिरी बंदरगाह में ठहराया गया है।

भारतीय तटरक्षक महानिरीक्षक केआर सुरेश ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, “चक्रवाती तूफान से बचने के लिए 10 चीनी जहाजों ने महाराष्ट्र के रत्नागिरी बंदरगाह में शरण ले रखा है। मानवीय दृष्टिकोण के तहत सभी चीनी जहाजों को भारतीय तटरक्षक बल के सुरक्षा घेरा में रहने की इजाजत दे दी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (जून 11, 2019) को चक्रवाती तूफान ‘वायु’ की वजह से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए राज्य और केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लिया।

अरब सागर में हवा के कम दबाव की स्थिति गहराने के कारण उत्पन्न चक्रवाती तूफान ‘वायु’ महाराष्ट्र से उत्तर में गुजरात की ओर बढ़ रहा है। गुजरात के मुख्य सचिव ने ये भी बताया कि लोगों को वहाँ से हटाने की फिलहाल कोई जरूरत नहीं है। विभाग ने अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान के और अधिक गंभीर रूप धारण करने की संभावना व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर की ओर बढ़ता ‘वायु’ 13 जून को सुबह गुजरात के तटीय इलाकों में पोरबंदर से महुवा, वेरावल और दीव क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसकी गति 115 से 130 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। 

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘श्मशान का भी व्यवसाय’… ईशा फाउंडेशन को पटना में एशिया के सबसे बड़े शवदाह गृह के संचालन की जिम्मेदारी मिलने पर हंगामा, जानें- ऑपइंडिया...

पटना के बांसघाट शवदाह गृह को लेकर उठे सवालों के बीच जानिए सरकार ने ईशा फाउंडेशन को जिम्मेदारी क्यों दी और क्या हैं सुविधाएँ।

वेनेजुएला में तबाही के बाद भारत के ‘भूदेव’ की आई याद, हिमालयी क्षेत्रों में तैनात ये सिस्टम बचा सकता है लाखों की जान: समझें...

भूकंप की जानकारी देने के लिए आईआईटी रुड़की ने एक अत्याधुनिक भूकंप अर्ली वॉर्निंग मोबाइल ऐप और सिस्टम ‘भूदेव’ तैयार किया है।
- विज्ञापन -