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Zomato सहित कई की डाइन-इन सर्विस से 1200 से अधिक रेस्तरां कंपनियों ने किया किनारा

"दो दिन पहले गुड़गाँव में शुरू हुआ #Logout आंदोलन देशव्यापी हो गया है। यह दिखाता है कि बिज़नेस के इस मॉडल से रेस्तरां कैसे नुकसान झेल रहे थे।"

देश के कई प्रमुख शहरों की रेस्तरां कंपनियों और एग्रीगेटर्स के बीच विवाद गहरा गया है। लिहाजा 1,200 से अधिक रेस्तरां कंपनियों ने जोमैटो सहित अन्य की डाइन-इन सर्विस से किनारा कर लिया है। जोमैटो ने इसे प्रतिस्पर्धा विरोधी और अवैध बताया है।

मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरू, कोलकाता, गोवा, पुणे और वडोदरा के ये रेस्तरां #Logout अभियान के तहत Zomato, EazyDiner, Nearbuy, MagicPin और Gourmet Passport सहित कई प्लेटफार्मों से बाहर हैं। रेस्तरां कंपनियों का कहना है कि एग्रीगेटर्स द्वारा टेबल रिजर्वेशन सेवाओं पर दी जा रही छूट पर्याप्त नहीं थी और इससे उनके बिजनेस को नुकसान हो रहा था।

जोमैटो ने एक ब्लॉग लिखकर #Logout अभियान से रेस्तरां कंपनियों को सावधान रहने के लिए कहा है। साथ ही जोमैटो ने इन कंपनियों को 45 दिन का नोटिस पीरियड भी दिया है और कहा है कि इस बीच वो उन्हें बता दें कि वो उनकी कंपनी से निकलना चाहते हैं या फिर वापस से ज्वाइन करना चाहते हैं। यदि निकलना चाहते हैं तो क्या वो साइन अप शुल्क का भुगतान करने के लिए तैयार हैं।

नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अध्यक्ष राहुल सिंह ने कहा, “दो दिन पहले गुड़गाँव में शुरू हुआ #Logout आंदोलन देशव्यापी हो गया है। यह दिखाता है कि बिज़नेस के इस मॉडल से रेस्तरां कैसे नुकसान झेल रहे थे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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