Friday, July 19, 2024
Homeविविध विषयअन्यहिंडनबर्ग के 88 सवाल, अडानी ग्रुप ने 413 पन्नों में दिया जवाब: कहा- मुनाफा...

हिंडनबर्ग के 88 सवाल, अडानी ग्रुप ने 413 पन्नों में दिया जवाब: कहा- मुनाफा कमाने के लिए यह भारत पर सुनियोजित हमला

अडानी समूह ने कहा है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट मुनाफा बनाने की नीयत से जारी की गई है। भारत, भारतीय संस्थाओं की स्वतंत्रता, अखंडता और गुणवत्ता तथा भारत की विकास गाथा और महत्वाकांक्षाओं पर सुनियोजित हमला है।

अडानी समूह ने अमेरिकी रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया। कंपनी ने 413 पन्नों के जवाब में हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठ करार दिया। कहा है कि ये आरोप भारत और यहाँ की कंपनियों तथा देश के विकास पर सुनियोजित हमला है।

अडानी समूह ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर जवाब देते हुए कहा है कि हिंडनबर्ग ने 88 सवालों के जवाब माँगे हैं। इनमें से 65 सवालों के जवाब अडानी पोर्टफोलियो कंपनियों की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। वेबसाइट में कंपनियों की वार्षिक रिपोर्ट में सभी के बारे में बताया गया है। समय-समय पर मेमोरेंडम, वित्तीय विवरण और स्टॉक एक्सचेंज के बारे में भी वेबसाइट पर जिक्र है।

गौतम अडानी के नेतृत्व वाली कंपनी ने यह भी कहा है कि हिंडनबर्ग के 18 सवाल सार्वजनिक शेयरधारकों और तीसरे पक्ष यानी अडानी ग्रुप की कंपनियों से संबंधित नहीं हैं। वहीं पाँच सवाल काल्पनिक और निराधार हैं।

अडानी समूह ने कहा है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट स्पष्ट तौर पर मुनाफाखोरी करने के लिए तैयार की गई है। यह रिपोर्ट न तो स्वतंत्र है और न ही उद्देश्यपूर्ण है। अडानी समूह के निवेशकों की संख्या बहुत अधिक है। इन निवेशकों को नुकसान पहुँचाते हुए शॉर्ट सेलिंग कर मोटा मुनाफा कमाने के लिए हिंडनबर्ग फाल्स मार्केट बनाने का प्रयास कर रहा है। बता दें कि शॉर्ट सेलिंग में किसी भी कंपनी के शेयरों की गिरावट में पैसा लगाया जाता है।

413 पन्नों के जवाब में यह भी कहा गया है कि यह चिंता की बात है कि बिना किसी विश्वसनीयता या नैतिकता के हजारों मील दूर बैठी एक कंपनी के बयानों ने हमारे निवेशकों पर गंभीर रूप से बुरा प्रभाव डाला है। इस रिपोर्ट की दुर्भावनापूर्ण मंशा इसके टाइमिंग से भी भी साफ है। यह रिपोर्ट तब आई है, जब अडानी एंटरप्राइजेज इक्विटी शेयरों को लेकर देश का सबसे बड़ा एफपीओ (ADANI FPO) ला रहा था।

गौरतलब है कि हिंडनबर्ग ने अडानी समूह के खिलाफ लगाए गए आरोपों को उजागर करने के लिए 2 साल तक जाँच करने व अडानी ग्रुप के पूर्व अधिकारियों से बात करने का दावा किया था। इस पर अडानी समूह ने कहा है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में दी गई जानकारी वर्षों से सार्वजनिक हैं। यानी पब्लिक डोमेन में उपलब्ध हैं। अडानी ग्रुप ने यह भी कहा है कि यह रिपोर्ट सिर्फ एक कंपनी पर एक हमला नहीं है। यह भारत, भारतीय संस्थाओं की स्वतंत्रता, अखंडता और गुणवत्ता तथा भारत की विकास गाथा और महत्वाकांक्षाओं पर एक सुनियोजित हमला है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग ने 88 सवालों की अपनी एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में अडानी समूह पर कॉरपोरेट जगत की सबसे बड़ी धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया था। इस रिपोर्ट में अडानी समूह पर शेयरों को मॅनिप्युलेशन और अकाउंटिंग फ्रॉड का भी आरोप लगाया गया है। हालाँकि, अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को झूठा और निराधार करार देते हुए कानूनी कार्यवाही करने की बात कही है।

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आने के बाद से अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में जोरदार गिरावट देखी गई है। इसका असर गौतम अडानी की नेटवर्थ पर भी पड़ा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ सब हैं भोले के भक्त, बोल बम की सेवा जहाँ सबका धर्म… वहाँ अस्पृश्यता की राजनीति मत ठूँसिए नकवी साब!

मुख्तार अब्बास नकवी ने लिखा कि आस्था का सम्मान होना ही चाहिए,पर अस्पृश्यता का संरक्षण नहीं होना चाहिए।

अजमेर दरगाह के सामने ‘सर तन से जुदा’ मामले की जाँच में लापरवाही! कई खामियाँ आईं सामने: कॉन्ग्रेस सरकार ने कराई थी जाँच, खादिम...

सर तन से जुदा नारे लगाने के मामले में अजमेर दरगाह के खादिम गौहर चिश्ती की जाँच में लापरवाही को लेकर कोर्ट ने इंगित किया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -