Akshay-Patra को मिला ग्लोबल अवॉर्ड, द हिंदू खोजता रह गया लहसुन-प्याज

यह पुरस्कार उस संस्था या व्यक्ति को दिया जाता है जो दुनिया में खाद्यान्न उगाने, तैयार करने और बेहतर ढंग से इस्तेमाल में लाने के लिए अच्छा काम करते हैं।

692
अक्षय पात्र, पुरस्कार
अक्षय पात्र को मिला ब्रिस्टल में पुरस्कार

भारत के स्कूलों में छात्रों को मुफ्त में भोजन उपलब्ध करवाने वाली अक्षय पात्र योजना को बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ग्लोबल चैंपियनशिप अवार्ड मिला है। ब्रिस्टल में इस सप्ताह आयोजित हुए बीबीसी फूड एंड फार्मिंग अवार्ड समारोह में ‘अक्षय पात्र’ को यह पुरस्कार दिया गया। बता दें अक्षय पात्र बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने वाली दुनिया की सबसे बड़ी गैर लाभकारी योजना है।

यह पुरस्कार देने के दौरान निर्णायक पैनल के प्रमुख शेफ़ सामीन नोसरात ने कहा कि स्कूलों में भोजन उपलब्ध कराना अद्भुत और शानदार कार्य है। बच्चों को भोजन करवाना सबसे महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए। अक्षय पात्र के सीईओ ने इसे गर्व का विषय बताया है।

जानकारी के मुताबिक यह पुरस्कार उस संस्था या व्यक्ति को दिया जाता है जो दुनिया में खाद्यान्न उगाने, तैयार करने और बेहतर ढंग से इस्तेमाल में लाने के लिए अच्छा काम करते हैं। याद दिला दें कुछ दिन पहले अक्षय पात्र फाउंडेशन पर द हिंदू के एक लेख ने कीचड़ उछालने की कोशिश की थी, उस दौरान लेखक, वैज्ञानिक और स्वराज्य पत्रिका के स्तम्भकार आनंद रंगनाथन की अपील पर 510 लोगों ने 11 घंटे में अक्षय पात्र फाउंडेशन को ₹21 लाख का दान दिया था।

उस समय कुछ ने तो अपनी पॉकेट मनी तक दान कर दी थी। ब्रिस्टल में मिला अक्षय पात्र को यह अवार्ड उस लेख पर किसी तमाचे से कम नहीं हैं, जिसमें सिर्फ़ The Hindu ने दो-चार बच्चों की प्याज-लहसुन के बिना पकाए गए खाने की नापसंदगी को पूरे कर्नाटक के बच्चों द्वारा अक्षय पात्र के मिड डे मील को ख़ारिज करने की कहानी रचते हुए लेख छापा था। इस पर ऑपइंडिया समेत देश के अधिकाँश हिस्सों से तीखी प्रतिक्रिया हुई थी।