Sunday, September 19, 2021
Homeविविध विषयअन्यपैरालंपिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला, शूटर अवनि लखेरा ने रचा...

पैरालंपिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला, शूटर अवनि लखेरा ने रचा इतिहास: डिस्कस थ्रो में योगेश को चाँदी

नई दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से बीकॉम कर चुके 24 वर्षीय योगेश कथुनिया स्वर्ण पदक से तो चूक गए, लेकिन उन्होंने अपने छठे प्रयास में 44.38 मीटर डिस्कस फेंक कर दूसरा स्थान हासिल किया।

जापान की राजधानी टोक्यो में चल रहे पैरालंपिक्स में स्वर्ण पदक जीत कर शूटर अवनि लखेरा ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल ‘स्टैन्डींग SH1’ ईवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस पैरालंपिक्स में ये भारत का पहला गोल्ड मेडल है। वहीं ‘डिस्कस थ्रो’ के ‘F56 कैटेगरी’ में भारत के योगेश कथुनिया ने रजत पदक अपने नाम किया। योगेश ने 44.38 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया।

वहीं 19 वर्षीय अवनी लखेरा ने फाइनल मैच में 249.6 के स्कोर के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने वर्ल्ड रेकॉर्ड की भी बराबरी की। वहीं क्वालिफ़िकेशन राउन्ड में वो 621.7 के स्कोर के साथ सातवें स्थान पर रही थीं। फाइलन के लिए उनकी शुरुआत धीमी हुई थी, लेकिन फिर उनका प्रदर्शन बेहतर होता चल गया। अवनी लखेरा राजस्थान की राजधानी जयपुर की रहने वाली हैं और वहाँ के JDA शूटिंग रेंज में उनका प्रशिक्षण हुआ है। पैरालंपिक्स में गोल्ड जीतने वाली वो पहली भारतीय महिला हैं।

2012 में एक दुर्घटना के कारण उन्हें पक्षाघात का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें बधाई दी है। उन्होंने अवनि लखेरा से फोन पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय खेल के लिए ये सचमुच एक विशेष क्षण है। इंडिविजुअल गेम में भारत के लिए पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले शूटर अभिनव बिंद्रा ने भी उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं।

वहीं नई दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से बीकॉम कर चुके 24 वर्षीय योगेश कथुनिया स्वर्ण पदक से तो चूक गए, लेकिन उन्होंने अपने छठे प्रयास में 44.38 मीटर डिस्कस फेंक कर दूसरा स्थान हासिल किया। रविवार (29 अगस्त, 2021) को भारत ने हाई जंप में रजत पदक और डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक अपने नाम किया। कांस्य पदक की अभी घोषणा नहीं हुई है, क्योंकि एक शिकायत के बाद इसकी जाँच चल रही है।

एक फौजी के बेटे योगेश कथुनिया को 8 वर्ष की उम्र में ही पैरालिटिक अटैक का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उनके दोनों फेंफड़े खराब हो गए थे। ब्राजील ने इस खेल में स्वर्ण पदक जीता है। वहीं महिला वर्ग के सिंगल टेबल टेनिस खेल में भावनीबेन पटेल ने रजत पदक अपने नाम किया। चीन की खिलाड़ी के हाथों फाइनल में उन्हें 0-3 से हार मिली थी। बता दें कि भारतीय पैरालंपिक कमिटी की अध्यक्ष दीपा मलिक हैं।

वहीं निषाद कुमार ने पुरुषों की टी47 ऊँची कूद स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया था। डिस्कस थ्रो खिलाड़ी विनोद कुमार ने रविवार को टोक्यो पैरालंपिक में एशियाई रिकॉर्ड के साथ पुरुषों की एफ52 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता, लेकिन उनके क्लासिफिकेशन पर विरोध जताए जाने के कारण वो जीत का जश्न मनाने से चूक गए। 30 अगस्त की शाम तक ये समारोह स्थगित है, जिसके बाद फैसला लिया जाएगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सिख नरसंहार के बाद छोड़ दी थी कॉन्ग्रेस, ‘अकाली दल’ में भी रहे: भारत-पाक युद्ध की खबर सुन दोबारा सेना में गए थे ‘कैप्टेन’

11 मार्च, 2017 को जन्मदिन के दिन ही कैप्टेन अमरिंदर सिंह को पंजाब में बहुमत प्राप्त हुआ और राज्य में कॉन्ग्रेस के लिए सत्ता का सूखा ख़त्म हुआ।

अडानी समूह के हुए ‘The Quint’ के प्रेजिडेंट और एडिटोरियल डायरेक्टर, गौतम अडानी के भतीजे के अंतर्गत करेंगे काम

वामपंथी मीडिया पोर्टल 'The Quint' में बतौर प्रेजिडेंट और एडिटोरियल डायरेक्टर कार्यरत रहे संजय पुगलिया अब अडानी समूह का हिस्सा बन गए हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,106FollowersFollow
409,000SubscribersSubscribe