Homeविविध विषयअन्य'बुमराह-वुमराह' खुलासे के बाद पार्थिव पटेल को गाली दे रहे विराट कोहली के फैन्स

‘बुमराह-वुमराह’ खुलासे के बाद पार्थिव पटेल को गाली दे रहे विराट कोहली के फैन्स

पार्थिव पटेल ने क्रिकबज को बताया कि 2014 में उन्होंने कोहली को कहा था कि वे बुमराह पर गौर करें। लेकिन कोहली ने कहा कि बुमराह-वुमराह क्या कर लेंगे।

भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली के साथ पूर्व क्रिकेटर पार्थिव पटेल की 8 साल पुरानी बातचीत के ऊपर कोहली के चाहने वालों ने पटेल पर निशाना साधा। इस बातचीत का खुलासा पटेल ने क्रिकबज के सामने किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे कोहली, जसप्रीत बुमराह को एक अच्छा गेंदबाज नहीं मानते थे।

पार्थिव ने बताया था उन्होंने 2014 में RCB की ओर से खेलते हुए कोहली को सलाह दी थी कि एक गेंदबाज है बुमराह… उसपर गौर किया जा सकता है। लेकिन कोहली ने कहा- “छोड़ न यार। ये बुमराह-वुमराह क्या करेंगे।” इस खुलासे को सुनने के बाद कोहली के फैन पार्थिव पटेल पर चढ़ गए और उनपर आरोप लगाया कि वो कोहली और बुमराह के बीच में झगड़ा लगाना चाहते हैं या शायद सिर्फ अटेंशन पाने के लिए वो ये सब कर रहे हैं।

एक यूजर ने उन्हें लिखा, “पार्थिव पटेल चू*&या है। मुझे नहीं मालूम ये कितना सच है कितना नहीं। लेकिन एक चीज जो आप लीक नहीं कर सकते वो ड्रेसिंग रूप के बीच बातचीत है। बुमराह उस समय इतने कामयाब नहीं थे। कोहली को मालूम था कि बुमराह कौन हैं क्योंकि उन्होंने कोहली की विकेट ली थी। इसलिए इस बयान का कोई मतलब नहीं! शर्म आनी चाहिए। अटेंशन के लिए कुछ भी।”

अन्य यूजर ने लिखा, “पार्थिव पटेल कितना घटिया आदमी है। अपने टीम सदस्य के साथ कभी हुई निजी बातचीत को साझा करना गलत है। भगवान ही जानता है कि ये सच बोल रहा है या नहीं। अगर हाँ! तो थोड़ा अटेंशन के लिए अपनी अस्मिता से खिलवाड़ ठीक नहीं हैं। क्या जलन है!”

कुछ कोहली फैन्स ने पटेल के कद का मजाक बनाया और उन्हें लिलिपुट कहा। साथ ही महेंद्र सिंह धोनी की सबसे बेहतरीन इनिंग को खराब करने का इल्जाम ठहराया।

आगे ट्विट्स में उन्हें यूजर्स ने उन्हें भ$% , गां%$ तक कहा। ऐसे में पार्थिव पटेल ने भी इन कमेंट्स पर रिप्लाई दिया और कहा- नीम पत्ता और सच दोनों कड़वा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -