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चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ के कारण ओडिशा के 7 जिलों में हाई अलर्ट, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने चक्रवात से संबंधित बाढ़ और विनाश की भी चेतावनी दी है, जिसमें कच्चे घर और अन्य इमारतों के नुकसान पहुँचने की संभावना है। वहीं बिजली/संचार लाइनें और खड़ी फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि एक चक्रवाती तूफान रविवार (26 सितंबर 2021) शाम को उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में दस्तक दे सकता है। इस चक्रवात का नाम ‘गुलाब’ (Cyclone Gulab) है। इसके प्रभाव से 95 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक हवा चलने का अनुमान है। इस दौरान आंध्र और ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ शनिवार दोपहर को बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव से तेज हो गया। ‘गुलाब’ के रविवार तक कलिंगपट्टनम के आसपास और विशाखापट्टनम, गोपालपुर के बीच पहुँचने की उम्मीद है। वहीं, सोमवार को छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है, जिसके चलते वहाँ भी रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने चक्रवात से संबंधित बाढ़ और विनाश की भी चेतावनी दी है, जिसमें कच्चे घर और अन्य इमारतों के नुकसान पहुँचने की संभावना है। वहीं बिजली/संचार लाइनें और खड़ी फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा, मुंबई, गुजरात सहित विदर्भ, तेलंगाना, मराठवाड़ा, कोंकण तट पर 29 सितंबर तक भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओडिशा सरकार ने चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ (Cyclone Gulab) को लेकर जारी चेतावनी के बाद सात जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ODRAF) के 42 दलों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के 24 दलों के साथ दमकल कर्मियों को सात जिलों गजपति, गंजम, रायगढ़, कोरापुट, मल्कानगिरी, नबरंगपुर, कंधमाल भेजा गया है।

आईएमडी कोलकाता के निदेशक जीके दास ने बताया कि उत्तर-पूर्व और इससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है। अगले 24 घंटों में यह एक कम दबाव वाला क्षेत्र होगा और इसके 29 सितंबर के आसपास पश्चिम बंगाल तट तक पहुँचने की संभावना है।

कैसे पड़ा ‘गुलाब’ नाम

‘गुलाब’ शब्द एक बारहमासी फूल है। इस बार चक्रवात का नाम पाकिस्तान ने दिया है। आईएमडी के ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवात गुलाब का नाम ‘गुल-आब’ रखा गया है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन प्रत्येक उष्णकटिबंधीय चक्रवात के नामों की एक लिस्ट रखता है, जो नियमित आधार पर बदलता है।

बता दें कि इससे पहले देश में Cyclone Tauktae और ‘यास’ आया था। बताया जा रहा है कि ‘यास’ के बाद बनने वाले चक्रवाती तूफान का नाम ‘गुलाब’ पहले से ही तय था, जिसे पाकिस्तान ने चुना है। अगर इस क्षेत्र में कोई अगला तूफान आता है तो उसका नाम ‘शाहीन’ होगा। यह नाम कतर ने दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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