Friday, May 24, 2024
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अंपायर से बहस, खिलाड़ियों को बुलाया, मैदान में कोच… IPL में ‘नो बॉल’ पर दिल्ली ने खेली नई ‘क्रिकेट’: हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद ऋषभ पंत ने मानी गलती

"मुझे लगा कि वो नो बॉल हमारे लिए कीमती हो सकती थी। लेकिन ये मेरे नियंत्रण में नहीं है। हाँ, निराश हूँ लेकिन इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता।”

दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) और राजस्थान रॉयल्स (Rajsthan Royals) के बीच खेले गए आईपीएल (IPL 2022) के 34वें मैच में इस सीजन का सबसे बड़ा विवाद सामने आया है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इस मैच को जीतने के लिए दिल्ली को आखिरी ओवर में 36 रनों की दरकार थी। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ी रॉवमैन पॉवेल (Rovman Powell) ने ओबेद मैकॉय (Obed McCoy) की पहली तीन गेंदों पर लगातार तीन छक्के लगाकर अपनी टीम में जीत की उम्मीद जगाई, लेकिन तीसरी गेंद विवाद का कारण बन गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये गेंद बल्लेबाज की कमर से ऊपर थी, लेकिन अंपायर ने इसे नो बॉल करार नहीं दिया। इसको लेकर दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत आगबबूला हो गए। ड्रेसिंग रूम से वे अपने खिलाड़ियों को खेल छोड़ वापस आने का इशारा करते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर पंत का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। हालाँकि कुछ देर में बाद मामला शांत हो गया और खेल दुबारा शुरू हुआ। आखिर में दिल्ली 15 रन से मैच हार गई।

दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत का कहना है कि राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शुक्रवार (22 अप्रैल 2022) को हुए इस मुकाबले के अंतिम ओवर में कथित नो-बॉल को लेकर तीसरे अंपायर को हस्तक्षेप करना चाहिए था। हालाँकि दिल्ली के सहायक कोच शेन वॉटसन इस मामले में अपने कप्तान से असहमत नजर आए। उन्होंने कहा कि अंपायर के फैसले को स्वीकार किया जाना था। लेकिन पंत द्वारा अपने बल्लेबाजों रोवमैन पॉवेल और कुलदीप यादव को मैच खत्म होने से पहले ही वापस बुलाने के इशारे पर उन्होंने चुप्पी साध ली। वहीं, राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन (Sanju samson) ने दिल्ली कैपिटल्स पर मिली जीत के बाद ‘नो-बॉल’ विवाद पर कहा कि यह फुलटॉस गेंद थी, जिसे अंपायर ने सामान्य गेंद करार दिया और वह अपने फैसले पर अडिग रहे।

मैच खत्म होने के बाद पंत ने इस मामले पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि वो पूरे खेल में अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन आखिर में पॉवेल ने हमें मौका दिया। मुझे लगा कि वो नो बॉल हमारे लिए कीमती हो सकती थी। लेकिन ये मेरे नियंत्रण में नहीं है। हाँ, निराश हूँ लेकिन इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता।” नो बॉल ना देने के लिए अंपायर की आलोचना करने के साथ पंत ने ये भी माना कि खिलाड़ियों को मैदान से बुलाने के लिए सहायक कोच प्रवीण आमरे को मैदान पर भेजने का उनका फैसला गलत था

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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