Thursday, May 23, 2024
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1 मोबाइल के लिए 71 सिम कार्ड… आपके अकाउंट से पैसे निकालने के लिए ऐसे होता था साइबर क्राइम: 28200 मोबाइल ब्लॉक, 20 लाख सिम का दोबारा वेरिफिकेशन

गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चला है कि साइबर अपराधों ( Cyber crimes ) में 28,200 मोबाइल हैंडसेट का दुरुपयोग किया गया था।

साइबर क्राइम से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने सख्ती भरे कदम उठाए हैं। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन ने गृह मंत्रालय के आदेश पर 28,200 मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक कर दिए हैं। इसके साथ ही इन हैंडसेट्स से जुड़े 20 लाख से अधिक मोबाइल नंबरों को फिर से वेरीफिकेशन के लिए कहा है। अगर इनका री-वेरिफिकेशन नहीं कराया जाता है, तो इन्हें ब्लॉक करने के आदेश दिए गए हैं।

पीआईबी द्वारा जारी रिलीज में बताया गया है कि दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications), गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) और राज्य पुलिस साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी में दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक साथ आए। इस सहयोगात्मक प्रयास का उद्देश्य धोखेबाजों के नेटवर्क को नष्ट करना और नागरिकों को डिजिटल खतरों से बचाना है।

गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चला है कि साइबर अपराधों ( Cyber crimes ) में 28,200 मोबाइल हैंडसेट का दुरुपयोग किया गया था। डीओटी ने आगे विश्लेषण किया और पाया कि इन मोबाइल हैंडसेटों के साथ आश्चर्यजनक रूप से 20 लाख नंबरों का उपयोग किया गया था। इसके बाद, दूरसंचार विभाग ने देश भर के दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को 28,200 मोबाइल हैंडसेटों को ब्लॉक करने और इन मोबाइल हैंडसेटों से जुड़े 20 लाख मोबाइल कनेक्शनों का तत्काल पुन: सत्यापन करने तथा पुन: सत्यापन में विफल रहने पर कनेक्शन काटने के निर्देश जारी किए।

भारत सरकार ने सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये कदम उठाया है, ताकि आम लोगों को साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रखा जा सके। बता दें कि साइबर क्राइम के चलते हर साल लाखों मामले दर्ज किए जाते हैं, जिसमें फर्जी नंबरों का इस्तेमाल किया जाता है।

भारत सरकार ने 6 फरवरी 2024 को लोकसभा में आधिकारिक रूप से बताया था कि अकेले साल 2023 में ही साइबर फ्रॉड के कुल 11.28 लाख मामले सामने आए थे। पूरे देश में सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र राज्य रहा। देश में कुल 11.28 लाख साइबर क्राइम के केस में 7,488.6 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी। सबसे अधिक रकम महाराष्ट्र में 990.7 करोड़ रुपये थी। 759.1 करोड़ रुपये के साथ तेलंगाना दूसरे स्थान पर रहा, जबकि यूपी में 721.1 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई। कर्नाटक में 662.1 करोड़ रुपये और तमिलनाडु में 661.2 करोड़ रुपये का फ्रॉड शामिल रहा। वहीं, साल 2022 में 1,391,457 साइबर सुरक्षा से संबंधित घटनाएं दर्ज की गईं।थी.

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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