Homeविविध विषयअन्यनोएडा की जिस रेव पार्टी को लेकर एल्विश यादव से हुई थी पूछताछ, उसमें...

नोएडा की जिस रेव पार्टी को लेकर एल्विश यादव से हुई थी पूछताछ, उसमें परोसा गया था कोबरा-करैत का विष: FSL रिपोर्ट से खुलासा

बिग बॉस विनर एल्विश यादव पर सांप के जहर सप्लाई करने का आरोप पिछले साल नवंबर में लगा था। उनके और कुछ सपेरों के खिलाफ नोएडा सेक्टर 49 थाने में केस दर्ज हुआ था। पकड़े गए आरोपितों के पास से 9 साँप भी मिले थे।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और बिग बॉस के विनर एल्विश यादव के माध्यम से रेव पार्टियों में साँपों के जहर सप्लाई मामले में फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की रिपोर्ट आ गई है। दावा किया जा रहा है कि इस रिपोर्ट में सामने आया है कि रेव पार्टी से जो सैंपल कलेक्ट हुए थे वो किसी और के नहीं बल्कि कोबरा-करैत प्रजाति के साँपों के जहर थे।

एल्विश यादव पर साँप के जहर सप्लाई करने का आरोप पिछले साल नवंबर में लगा था। उनके और कुछ सपेरों के खिलाफ नोएडा सेक्टर 49 थाने में केस दर्ज हुआ था। ये केस मेनका गाँधी के एनजीओ पीपल फॉर एनिमल की ओर से कराया गया था।

बाद में पुलिस ने उनसे पूछताछ की थी और उन्हें छोड़ दिया था जबकि अन्य आरोपित जो गिरफ्तार हुए थे उनके पास से पुलिस को जहर और 9 साँप मिले थे जिनमें 5 कोबरा थे।

पुलिस ने इस जहर की जाँच के लिए इसे एफएसएल को भेजा और अपनी पूछचाछ करती रही। आरोपितों ने बताया कि एल्विश यादव की पार्टियों में बदरपुर से साँप लाए जा रहे थे। धरपकड़ में एक राहुल नाम का आरोपित भी पकड़ा गया था जिसका काम ही रेव पार्टियों में जहर को उपलब्ध करवाना था।

डिमांड के अनुसार वह जहर के लिए सपेरे, ट्रेनर और बाकी चीजें उपलब्ध करवाता था। राहुल ने ही उन लोगों का नाम बताया था जो रेव पार्टियों में बीन प्रोग्राम आदि करवाते हैं, उसके बाद उन्हीं के कनेक्शन कथिततौर पर एल्विश यादव से निकले और उनपर केस हुआ।

बता दें कि एक ओर जहाँ मीडिया दावा कर रही है कि एल्विश यादव इस एफएसएल रिपोर्ट के आने से मुश्किल में पड़ सकते हैं, उन्होंने इस मामले में बयान जारी कर कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।

एल्विश ने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर कर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था, “मैंने देखा कि कैसे न्यूज फैल रही है, मेरे खिलाफ मीडिया में बात चल रही है कि मैं अरेस्ट हो गया। मैं नशीले पदार्थों के साथ पकड़ा गया। ये जितने भी आरोप मेरे खिलाफ लगे हैं, सब बेबुनियाद हैं। सारे फेक हैं, एक फीसदी भी इसमें सच्चाई नहीं हैं।” एल्विश ने मेनका गाँधी के लिए भी लिखा था कि उन्हें आश्चर्य होता है कि ऊँचे पदों पर कैसे-कैसे लोग बैठे हुए हैं। इसके अलावा एल्विश ने यह भी लिखा- “जिस हिसाब से इल्जाम लगाया है मैडम ने, उस हिसाब की माफी भी तैयार रखें।”

गौरतलब है कि हाल में एल्विश यादव एक रेस्टोरेंट में एक शख्स को झापड़ मारने के कारण चर्चा में आए थे। उन्होंने मामले की सफाई में कहा था कि उस व्यक्ति ने उनके परिवार वालों को गाली दी थी इसलिए उन्होंने उसे झापड़ मारा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -