पहला हलाल चश्मा: इंडोनेशिया में किया गया लॉन्च, सिद्धार्थ की कंपनी ने किया यह काम

इंडोनेशिया में हर वस्तु के लिए हलाल सर्टिफिकेट अनिवार्य होने के बाद वहाँ के उद्योग मंत्रालय ने पीटी अटल्ला इंडोनेशिया कंपनी द्वारा निर्मित पहले हलाल सर्टिफाइड चश्मे को लॉन्च किया।

इंडोनेशिया में हर वस्तु के लिए हलाल सर्टिफिकेट अनिवार्य होने के बाद वहाँ के उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार (नवंबर 5, 2019) को पीटी अटल्ला इंडोनेशिया कंपनी द्वारा निर्मित पहले हलाल सर्टिफाइड चश्मे को लॉन्च किया।

अंतरा न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इस कदम को सराहते हुए इंडोनेशिया के औद्योगिक मंत्रालय ने पीटी अटल्ला कंपनी की काफी तारीफ की। मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्रालय की ओर से कहा गया कि वे पीटी अटल्ला इंडोनेशिया के प्रयासों की सराहना करते हैं। हालाँकि चश्मा ऐसी वस्तु नहीं है, जिसे तत्काल हलाल सर्टिफिकेशन की जरूरत पड़े, लेकिन फिर भी कंपनी ने ये कर दिखाया।

गौरतलब है कि इसी साल 17 अक्टूबर से इंडोनेशिया में 2014 का कानून लागू होने के बाद हर वस्तु पर हलाल सर्टिफिकेट होना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में खाद्य वस्तु से जुड़ी कंपनियों के लिए ये सर्टिफिकेट लेना सबसे ज्यादा अनिवार्य है। जबकि अन्य कंपनियों को पाँच सालों के भीतर ये सर्टिफिकेट लेना जरुरी है।

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इस कानून की जरुरतों पर बात करते हुए मंत्रालय ने बताया कि कानून का उद्देश्य उपभोक्ताओं को हलाल उत्पादों पर सुरक्षा और निश्चितता प्रदान करना है, साथ ही उत्पादकों का अतिरिक्त मूल्य (added value) बढ़ाना है।

इस अवसर पर बोलते हुए अटल्ला इंडोनेशिया के निदेशक वेंजको सिद्धार्थ ने भी जानकारी दी कि उनके प्रोडक्ट को 2 अक्टूबर को ही हलाल सर्टिफिकेट मिल गया था। जिसे लेने के पीछे उनका उद्देश्य इंडोनेशिया की बहुसंख्यक आबादी यानी मुस्लिम लोगों में अपने वस्तु की कीमत और ब्रांडिंग को बढ़ाना था।

सिद्धार्थ के अनुसार उनकी कंपनी 500 लोगों को रोजगार प्रदान करती है और एक दिन में 60,000 फ्रेम और लेंस तैयार करती है। हालाँकि फ्रेम और लेंस बनाने के उद्योग क्षेत्र में मंत्रालय के पास 15 कंपनियाँ रिकॉर्ड में हैं जिन्होंने 6,300 लोगों को रोजगार दिया है, लेकिन पीटी अटल्ला केवल मात्र ऐसी लोकल कंपनी हैं, जो अपने फ्रेम से लेकर अन्य सामान तक के प्रोडक्ट खुद बनाती है।

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