Sunday, July 25, 2021
Homeविविध विषयअन्यअब गूगल और ऑक्सफोर्ड ने दिखाई हिंदुओं से घृणा: शब्द का अर्थ बताते हुए...

अब गूगल और ऑक्सफोर्ड ने दिखाई हिंदुओं से घृणा: शब्द का अर्थ बताते हुए घुसाया घटिया नैरेटिव

हिंदूफोबिया के लिए हिंदुओं के रवैए को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, क्योंकि वे अपने प्रति होने वाले मामलों को अपने हाथों में नहीं लेते हैं। हिंदुओं को अनिवार्य रूप से एकजुट, संगठित विरोध की जरूरत है।

आज ट्विटर पर अप-वर्ड द्वारा एक स्क्रीनशॉट दिखाया गया जिसमें गूगल के सर्च रिजल्ट में, एक शब्द का अर्थ खोजने पर ऑक्सफोर्ड द्वारा दी गई डिक्शनरी से परिणाम आते हैं, और उसमें शब्द के उदाहरण में हिंदूफोबिया से सने वाक्य का प्रयोग दिखता है।

गूगल के कार्यकारी अध्यक्ष एरिक श्मिट (Eric Schmidt) ने कहा था कि इंटरनेट इंसानों की बनाई ऐसी चीज है जिसे इंसान ही नहीं समझ पाता, यह अराजकता में किया गया सबसे बड़ा प्रयोग है और अराजकता का सबसे बड़ा हथियार फ्री स्पीच और हर उस चीज में अविश्वास का बीजारोपण है, जो किसी देश को प्रिय होती है।

इस्लामिक आक्रान्ताओं के भारत में घुसने के दौर से ही भारत को विभाजित करने और जीतने के लिए एक महत्वपूर्ण तरीका हिंदुओं को अपमानित करना था। यह प्रवृत्ति आज भी Google द्वारा दिए जाने वाले सर्च के नतीजों में नजर आ रही हैं।

‘UpWord’ ने आज ही ट्विटर पर एक स्क्रीनशॉट जारी किया है। इसमें Co-Religist (को-रिलिजिस्ट/सहधर्मी) शब्द का गूगल-डिक्शनरी द्वारा बताया गया अर्थ दिया गया है।

Google के डिक्शनरी फीचर में ऐसे शब्दों की परिभाषाएँ दी गई हैं जिन्हें लोग जानना और समझना चाहते हैं। Co-Riligionist यानी सहधर्मी शब्द का अर्थ होता है- किसी अन्य व्यक्ति के समान धर्म और कर्तव्य का पालन करने वाला।

लेकिन गूगल इस शब्द का अर्थ और उदाहरण इस तरह बताता है, Hindu fundamentalists are admired by many of their co-religionists as virtuous people

गूगल द्वारा दिखाया जा रहा उदाहरण “हिन्दू कट्टरपंथी …” है, जो कि लोगों के आक्रोश का विषय बन गया है। इस आपत्ति का मूल यह है कि जब हम किसी चीज का उदाहरण देते हैं तो अपवादों की जगह जो घटना कई बार हो चुकी होती है, बहुतायत है, उसका वर्णन करते हैं, लेकिन यहाँ ऑक्सफोर्ड द्वारा दिए गए इस उदाहरण में न सिर्फ़ हिन्दुओं को कट्टरपंथी कहा गया है, बल्कि बाकी साथी हिन्दुओं को ऐसे कट्टरपंथियों का समर्थक बताते हुए उन्हें गुणवान मानने की बात की है।

यदि उदाहरण के लिए किस धर्म को चुनना ही था तो फिर गूगल ने उस धर्म को क्यों नहीं चुना जो कई सौ सालों से कट्टरपंथी विचारधारा के जरिए दुनिया के नक़्शे पर मजहबी कट्टरपंथ की वास्तविक परिभाषा छोड़ता आ रहा है?

यहाँ पर ‘कट्टरपंथी हिन्दू’ शब्द चौंकाने वाला शब्द है। सवाल तो यही है कि आखिर एक हिन्दू, जो सदियों तक कट्टरपंथी आक्रांताओं के इतिहास से आक्रांतित रहा हो, जिन्हें मुगलों ने जबरन धर्मांतरण करने को विवश किया हो, जिनका कि अपने धर्म का अनुसरण करना मौलिक अधिकार था और है, जिनका कट्टरपंथी मुस्लिमों द्वारा बलात्कार किया गया, जिन्हें काफ़िर ठहराकर उनकी आस्था के प्रतीकों को लज्जित कर उनके देवताओं के मंदिरों को तोड़ा गया हो और आज तक अपनी पहचान और अपनी गरिमा के लिए अपने ही देश में संघर्षरत हो, वह हिन्दू आखिर कट्टरपंथी कैसे हो सकते हैं?

इतिहास में ऐसे भी कोई साक्ष्य नहीं मिलते जब हिंदुओं ने मजहबी कारणों से किसी अन्य धर्म से नफरत कर उनकी शिलाओं, मूर्तियों को खंडित कर उनके उपासकों से जबरन बलात्कार किया हो। उन्हें लूटा हो और कहा हो कि उनके ईश्वर को जो नहीं मानते, वे काफ़िर हैं।

तो फिर जिनका इतिहास, भूत-भविष्य और वर्तमान, इन्हीं सब से सना हो, गूगल ने उनका उदाहरण क्यों नहीं चुना?

हिंदुओं की ऐसी कोई भी तुलना, जो उन्हें कट्टरपंथी मुस्लिमों के समानांतर दिखाने का प्रयास करती हो, बेहद बेबुनियाद, इस्लामी विचारधारा से प्रेरित और हिंदू-घृणा से भरी हुई है।

यह जानने के लिए कि गूगल आखिर हिंदू-घृणा से भरी ऐसी परिभाषा को क्यों दिखा रहा है, यह समझना आवश्यक हो गया है कि गूगल की इन परिभाषाओं का स्रोत क्या है। जब हमने स्रोत पर क्लिक किया, तो पता चला कि Google अपनी परिभाषा ‘लेक्सिको’ (Lexico) से ले रहा है, जो कि ऑक्सफोर्ड द्वारा संचालित है।

पहले ऑक्सफोर्ड ने ऑक्सफोर्ड डिक्शनरीज ऑनलाइन (ओडीओ) नामक एक ऑनलाइन शुरू की थी। इसे अब केवल ऑक्सफोर्ड डिक्शनरीज़ कहा जाता है। यह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (OUP) द्वारा निर्मित ऑनलाइन शब्दकोशों का एक संग्रह है, जो ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से प्रकाशित होती है।

इस संग्रह में ‘लेक्सिको’ नामक एक वेबसाइट पर मुफ्त में उपलब्ध कराई गई अंग्रेजी और स्पैनिश के शब्दकोश शामिल हैं। यह लेक्सिको, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (OUP), Dictionary.com और ऑक्सफोर्ड डेक्सस प्रीमियम के सहयोग से बना है।

ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी एपीआई की परिभाषाएँ Google परिभाषा खोज में दिखाई देती हैं, macOS पर डिक्शनरी एप्लिकेशन आदि ऑक्सफोर्ड डेक्स एपीआई के माध्यम से लाइसेंस प्राप्त करते हैं।

Google पर दिखाए जाने वाले शब्दार्थ रिजल्ट में ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी की ही परिभाषाएँ दिखाई देती हैं। macOS आदि पर इस डिक्शनरी एप्लिकेशन को ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी एपीआई के माध्यम से लाइसेंस प्राप्त है।

लेक्सिकन (Lexicon), ऑक्सफोर्ड की ही एक खोज है और इसमें जो परिभाषाएँ हैं, उनके लिए ऑक्सफोर्ड ही जिम्मेदार है। लेक्सिकन को Dictionary.com के सहयोग से तैयार किया गया है, जो विभिन्न स्रोतों से ली जाने वाली सामग्री और सूचना पर आधारित है।

मरियम वेबस्टर ( Merriam Webster) क्या कहता है?

दिलचस्प बात यह है कि ‘मरियम वेबस्टर‘ (ऑनलाइन डिक्शनरी) का इस बारे में एक गहरा राजनीतिक दृष्टिकोण भी है। मरियम वेबस्टर अपने ऑनलाइन संस्करण में ‘सहधर्मियों’ की परिभाषा को इन्टरनेट से उठाए गए उदाहरण के साथ इस तरह परिभाषित करता है,

“हालाँकि, असम और त्रिपुरा बहुसंख्यक हिंदू राज्य हैं, लेकिन उनकी आबादी अन्य देशों के सहधर्मियों की मदद करने के बजाए अपने विशेष पारंपरिक शृंगार और भाषाई विरासत को सुरक्षित रखने के बारे में अधिक चिंतित हैं।”

Definition of Merriam Webster

हालाँकि, कम से कम, मरियम वेबस्टर ने यह कहते हुए अस्वीकरण रखा है कि उनकी परिभाषाएँ विभिन्न पोर्टल्स से ली गई हैं, जो शब्द के ‘वर्तमान उपयोग’ को दर्शाती हैं।

यहाँ पर यदि वे मूल अर्थ से भटक भी गए हैं तो तो यह संभवतः एक एल्गोरिथ्म पर आधारित है और पाठक इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दे सकता है।

लेकिन मरियम वेबस्टर के विपरीत, लेक्सिकन ऐसी कोई सुविधा नहीं देता है और अपने द्वारा दी गई परिभाषा और उदाहरण को ही अंतिम मानकर चलता है।

गूगल क्या कर सकता है?

अक्सर, Google अपने सर्च रिजल्ट्स के लिए सबसे सुरक्षित बहाने के तौर पर एल्गोरिथ्म को दोष दे देता है। हालाँकि, पहले भी कई ऐसे मामलों में Google ने सर्च रिजल्ट्स और ऑटो-सुझावों (ऑटो सजेशन्स) का संज्ञान लिया है, जो संवेदनहीन थे और बड़े स्तर पर लोगों की भावनाओं को आहत करने में सक्षम थे।

2016 में, Google ने अपने खोज इंजन से ऑटो कम्प्लीट (Autocomplete suggestions) को हटा दिया था। यह यहूदियों को सर्च करने पर स्वत: ही ‘बुरे हैं’ (Evil) और “महिलाएँ हैं” का सुझाव दिखाया करता था।

हमें क्या करना चाहिए?

हिंदूफोबिया के लिए हिंदुओं के रवैए को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, क्योंकि वे अपने प्रति होने वाले मामलों को अपने हाथों में नहीं लेते हैं। हिंदुओं को अनिवार्य रूप से एकजुट, संगठित विरोध की जरूरत है।

भारत में बहुसंख्यक आबादी वाले हिंदू, उपभोक्ताओं का एक बड़ा आधार तैयार करते हैं और इस तरह की एकता और ताकत की जरूरत तब पड़ती है, जब गूगल जैसे वैश्विक दिग्गजों द्वारा हिंदुओं के प्रति नफरत को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाता है और हिंदुओं को कट्टर दिखाया जाता है।

इस मामले में, हिंदुओं को एकजुट होना होगा और न केवल Google द्वारा दिक्खाए जा रहे नतीजों का विरोध करना होगा, बल्कि जिन स्रोतों से गूगल यह नतीजे दिखता है, उन तक भी अपना विरोध पहुँचाना होगा और इस बारे में स्पष्टीकरण की माँग करनी चाहिए।

ध्यान देने की बात यह है कि उन्होंने सहधर्मी को परिभाषित करते हुए इस्लाम को ठेस पहुँचाने का साहस नहीं किया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राजस्थान में भगवा ध्वज फाड़ने वाले कॉन्ग्रेस MLA को लोगों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा: वायरल वीडियो का FactChek

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिख रहा है कि लाठी-डंडा लिए भीड़ एक शख्स को दौड़ा-दौड़ाकर पीट रही है।

दैनिक भास्कर के ₹2,200 करोड़ के फर्जी लेनदेन की जाँच कर रहा है IT विभाग: 700 करोड़ की आय पर टैक्स चोरी का खुलासा

मीडिया समूह की तलाशी में छह वर्षों में ₹700 करोड़ की आय पर अवैतनिक कर, शेयर बाजार के नियमों का उल्लंघन और लिस्टेड कंपनियों से लाभ की हेराफेरी के आयकर विभाग को सबूत मिले हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,066FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe