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पुलवामा से भी बड़े फिदायीन हमले की साजिश नाकाम, कश्मीरी छात्र हिलाल अहमद गिरफ्तार

इस बार पुलवामा से भी दोगुनी ज्यादा क्षमता वाला आईईडी लगाया गया था, जिसमें 100 जवानों को मारने का टारगेट था। मगर आखिरी वक्त पर सुरक्षाकर्मियों को देखकर हिलाल डर गया और विस्फोटकों से भरी कार छोड़कर फरार हो गया, जिससे वो अपनी साजिश में असफल हो गया।

भटिंडा की सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब से एम एड कर रहे एक कश्मीरी छात्र को जम्मू कश्मीर की पुलिस ने मंगलवार (अप्रैल 23, 2019) को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। इस छात्र का नाम हिलाल अहमद है और इस पर आरोप है कि ये पुलवामा हमले की तरह ही सीआरपीएफ के काफिले में घुसकर बम धमाका करने की प्लानिंग कर रहा था। कश्मीरी छात्र हिलाल अहमद की गिरफ्तारी की पुष्टि भटिंडा के एसएसपी नानक सिंह ने की है।

जानकारी के मुताबिक, हिलाल 30 मार्च 2019 को जम्‍मू-कश्‍मीर के बनिहाल में आत्‍मघाती कार बम हमले की योजना बनाने में शामिल था। बता दें कि आतंकवादियों की 30 मार्च 2019 को बनिहाल में पुलवामा हमले की तर्ज पर एक सेंट्रो कार में विस्‍फोटक भरकर सीआरपीएफ काफिले पर हमले की योजना थी। लेकिन आतंकवादी धमाके से पहले ही विस्‍फोटकों से भरी कार छोड़कर भाग गए।

हिलाल अहमद पुलवामा में हुए धमाकों में भी टाडा के तहत नामजद है। उसका संबंध हिजबुल मुजाहिद्दीन की ब्रांच इस्लामी जमात तोलबा के साथ है और जम्मू-कश्मीर पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी। मंगलवार (अप्रैल 23, 2019) को सुबह जब जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी इफ्तीकार की अगुआई में पुलिस केंद्रीय यूनिवर्सिटी पहुँची, तो यूनिवर्सिटी के प्रबंधक हैरान रह गए। इस दौरान पुलिस ने हिलाल अहमद की गिरफ्तारी के वारंट दिखाए, जिसके बाद प्रबंधकों ने उसे बुलाकर पुलिस के हवाले कर दिया।

इस बार पुलवामा से भी दोगुनी ज्यादा क्षमता वाला आईईडी लगाया गया था, जिसमें 100 जवानों को मारने का टारगेट था। मगर आखिरी वक्त पर सुरक्षाकर्मियों को देखकर हिलाल डर गया और विस्फोटकों से भरी कार छोड़कर फरार हो गया, जिससे वो अपनी साजिश में असफल हो गया। बता दें कि बनिहाल पुलिस ने 30 मार्च को ही आईपीसी की धाराओं 307, 120, 120ए, 121, 121ए, और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के पुलमवामा में 14 फरवरी को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने सीआरपीएफ के जवानों पर फिदायीन हमला किया था, जिसमें 40 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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