Homeविविध विषयअन्य'भगवान राम और हनुमान का भक्त हूँ': साउथ अफ्रीका के केशव महाराज ने बताया...

‘भगवान राम और हनुमान का भक्त हूँ’: साउथ अफ्रीका के केशव महाराज ने बताया क्यों उनके आते ही मैदान में बजने लगता है ‘राम सियाराम’

साउथ अफ्रीका के स्पिनर केशव महाराज ने खुलासा किया है कि भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान जब वो बल्लेबाजी के लिए आते थे, तो 'राम सियाराम' गाना बजाया जाता था। दरअसल, ऐसा इसलिए होता था क्योंकि खुद केशव महाराज ने ही एंट्रेंस सॉन्ग बजाने वाले शख्स को ये गाना बजाने को कहा था।

साउथ अफ्रीका के स्पिनर व अपनी हिंदू आस्था के लिए पहचाने जाने वाले केशव महाराज ने खुलासा किया है कि भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान जब वो बल्लेबाजी के लिए आते थे, तो ‘राम सियाराम’ गाना क्यों बजाया जाता था।

दरअसल, ऐसा इसलिए होता था क्योंकि खुद केशव महाराज ने ही एंट्रेंस सॉन्ग बजाने वाले शख्स को ये गाना बजाने को कहा था। केशव के अनुसार इस गाने के कारण उन्हें अपने जोन में आने में मदद मिलती थी और वो एकाग्र होकर गेम खेल पाते थे।

महाराज ने इस गाने को लेकर कहा– “ये मेरा एंट्रेंस गाना है। मैं भगवान हनुमान और भगवान राम का भक्त हूँ इसलिए सोचता हूँ कि ये गाना एकदम फिट है।”

उन्होंने कहा, “यह एक ऐसी चीज थी, जिसे मैंने खुद मीडिया लेडी से कहा था और ये सॉन्ग लगाने की रिक्वेस्ट की थी। भगवान का मेरे ऊपर काफी आर्शीवाद रहा है। उन्होंने मुझे हर समय राह दिखाई है, तो मैं कम से कम ये तो कर ही सकता हूँ। इससे मुझे अपने जोन में आने में मदद मिलती है। जब आप मैदान में प्रवेश करें तो फिर बैकग्राउंड में ‘राम सियाराम’ की धुन सुनना अच्छा लगता है।”

बता दें कि भारत साउथ अफ्रीका के बीच पिछले दिनों टेस्ट सीरिज हुई थी। ये सीरिज 1-1 के साथ ड्रॉ रही। लेकिन इसकी चर्चा केशव महाराज के कारण खूब हुई। हाल में जब उन्हें भारत के खिलाफ टेस्च मैच मैदान में उतरते देखा गया तो उनकी एंट्री के समय भी ‘राम सियाराम’ गाना बजा। इसे सुनकर विराट कोहली ने भी उन्हें नमन किया। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

देख सकते हैं कि इसमें भारतीय टीम के खिलाड़ी विराट कोहली गाना सुनकर भगवान श्री राम के अंदाज में धनुष चलाते नजर आते हैं और उसके बाद नमन करते हैं।

केशव महाराज का एंट्रेंस सॉन्ग देखकर विराट कोहली का रिएक्शन
Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।

दुनिया में हाहाकार, फिर भी भारत में नहीं हुई खाद की कमी: जानिए मोदी सरकार ने अपनी कूटनीति ने कैसे सुरक्षित रखा देश का...

भारत अपनी जरूरत की खाद का बड़ा हिस्सा आयात करता है। जब वैश्विक बाजार में उर्वरक की आपूर्ति रुकी, तो मोदी सरकार ने फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी अपनाई।
- विज्ञापन -