Monday, August 2, 2021
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लिबरल गिरोह ने की पेट्रोल पंप कर्मचारियों को नीचा दिखाने की कोशिश, मिला सही जवाब

इंडियन ऑइल के कर्मचारियों की इस करारी जवाबी प्रतिक्रिया से किसी भी प्रोफेशन का मज़ाक बनाने वाले लोगों को सबक मिल ही गया होगा। देश में लैंगिक और धार्मिक समानता की बात करने वाले भूल जाते हैं कि प्रोफेशन कोई भी हो, किसी व्यक्ति को उसके जॉब की वजह से हेय दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए।

आईसीसी ने एक जैसे रंग वाली जर्सी पहनने वाली टीमों को अलग कलर वाली जर्सी पहनने के लिए कहा है, ताकि मैच के दौरान सभी खिलाड़ी एक जैसे न दिखें। आईसीसी ने भारत की जर्सी का रंग भी बदलने को कहा और कलर चुनने के लिए बीसीसीआई को छूट दी। बीसीसीआई ने फाइनली केसरिया रंग की जर्सी का चयन किया है। आज रविवार (जून 30, 2019) को चल रहे मैच में भारत इंग्‍लैंड के खिलाफ अपनी नियमित नीली जर्सी की जगह केसरिया जर्सी पहनकर उतरेगा। लेकिन कुछ लोगों को इस रंग से भी आपत्ति हुई है और उनमें से ही एक नाम झूठे आँकड़ों की मदद से सरकार विरोधी प्रोपेगैंडा चलाने वाले ध्रुव राठी का भी है।

ध्रुव राठी ने नई जर्सी पहने हुए इंडियन क्रिकेट टीम के खिलाडियों को ट्वीट करते हुए लिखा, “ये तो पेट्रोल पम्प वालों की तरह दिख रहे हैं।

इसके बाद इंडियन आयल के पेट्रोल पम्प कर्मियों ने भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी का मज़ाक उड़ाने वालों को करारा जवाब दिया है। पेट्रोल पम्प कर्मचारियों ने कहा कि टीम इंडिया द्वारा इस जर्सी को पहनना उनके लिए गर्व की बात है और मज़ाक उड़ाने वालों को नज़रअंदाज़ करना चाहिए। नीचे संलग्न की गई वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे टीम इंडिया की नई जर्सी के बारे में पेट्रोल पम्प कर्मी अपनी राय रख रहे हैं।

टीम इंडिया की नई जर्सी का मज़ाक बनाने वालों को पेट्रोल पम्प कर्मचारों का करारा जवाब

पेट्रोल पम्प कर्मचारियों ने टीम इंडिया की नई जर्सी को ‘प्रेट्रोल पम्प वालों’ की तरह बताने वालों को जवाब देते हुए कहा कि जब ये जर्सी पहन कर टीम इंडिया खेलने उतर रही है, ऐसे समय में उन्हें भी गर्व की अनुभूति हो रही है।

कर्मचारियों ने कहा कि इंडियन आयल की जर्सी पहन कर अगर भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी खेलते हैं तो इससे न सिर्फ़ कम्पनी का, बल्कि उनका भी नाम होता है।

इंडियन ऑइल के कर्मचारियों की इस करारी जवाबी प्रतिक्रिया से किसी भी प्रोफेशन का मज़ाक बनाने वाले लोगों को सबक मिल ही गया होगा। देश में लैंगिक और धार्मिक समानता की बात करने वाले भूल जाते हैं कि प्रोफेशन कोई भी हो, किसी व्यक्ति को उसके जॉब की वजह से हेय दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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